Sagar Sharab Kand: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं. बंडा और शाहगढ़ तहसील के नौराज, गूगरा खुर्द और बामुरा गांवों में कथित तौर पर अवैध शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. उल्टी, बेहोशी और शरीर में कंपन जैसी शिकायतों के बाद मरीजों को बंडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान कई लोगों की मौत हो गई.
19 लोगों की मौत, कई का इलाज जारी
अब तक इस शराब कांड में 19 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कुछ प्रभावित लोगों का इलाज अभी भी जारी है. घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान तेज कर दिया है. वहीं, इस मामले ने शराब के अवैध कारोबार और उसकी रोकथाम को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं.
एक परिवार में पिता-पुत्र की मौत
प्रशासन की शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतकों में महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी समेत कई लोग शामिल हैं. मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राम प्रसाद लोधी को गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए भोपाल एयरलिफ्ट किया गया था. हालांकि, रविवार देर रात उनकी भी मौत हो गई. इससे पहले उसी दिन उनके पिता गोविंद लोधी की भी जान चली गई थी. राम प्रसाद के छोटे भाई भूरे लोधी का सागर में इलाज चल रहा है.
परिवार अंतिम संस्कार में गया, घर पर श्याम बाई ने पी ली शराब
मृतका श्याम बाई अहिरवार के बेटे विट्ठल अहिरवार के अनुसार, परिवार एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में गया हुआ था और उनकी मां उस समय घर पर अकेली थीं. उन्होंने कथित तौर पर गांव के ही एक व्यक्ति से शराब मंगवाकर पी थी. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और अगली सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई.
तीन और मौतों से गांवों में पसरा मातम
सोमवार को गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह (35), खटोरा निवासी गोपाल आदिवासी (40) और मुडना पारा निवासी देश कुमार लोधी की मौत की जानकारी सामने आने के बाद गांवों में मातम पसर गया. कई घरों में एक साथ अपनों को खोने का दर्द है.
अवैध शराब के कारोबार पर उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री और सस्ती कच्ची शराब के कारोबार पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चल रहे ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. लोगों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल होगा.
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