Satna News: सतना में स्वास्थ्य विभाग का हाल बहुत ही खराब है. शुक्रवार की शाम सतना के जिला चिकित्सालय से एक मरीज को रीवा रेफर किया गया. इस दौरान एंबुलेंस की हालत देखने लायक थी. जिस एंबुलेंस से गंभीर मरीज को रीवा ले जाना था. उसकी हालत इतनी खराब थी कि न तो उसका दरवाजा बंद होता था औऱ न ही उसमें किसी प्रकार के प्रकाश की व्यवस्था थी. अंधेरे में ही मरीज को रीवा तक ले जाया गया. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसको देखने के बाद ऐसा लगता है, जैसे सतना में स्वास्थ्य विभाग की सुविधाएं बेपटरी हो चुकी हैं. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
दरअसल, सतना जिला अस्पताल में एक बच्चा कुपोषण जैसी से गंभीर बीमारी से ग्रसित था. जिसे बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर करना था. इस दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की सारी पोल खोलकर रख दी. जिस एंबुलेंस में बच्चे को ले जाया जा रहा था. न तो उसका दरवाजा बंद हो रहा था और न ही उसमें लाइट की कोई व्यवस्था थी. चालक ने तार के माध्यम से गेट को बंद किया और मोबाइल की टार्च के भरोसे रीवा ले जाया गया.
संविदाकार पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार मेंटेनेंस के नाम पर खूब पैसे खर्च कर रही है, तो इसके बावजूद भी ये हालात क्यों हैं. इस हालात ने संविदाकार पर सवाल खडे़ किए हैं. क्योंकि संविदाकार ने मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करने में जुटे हैं. ऐसा नहीं है कि यह सतना जिले की पहली ऐसी घटना है. इससे पहले भी रामनगर के एंबुलेंस में गेट नहीं खुलने पर चालक को खिड़की से अंदर प्रवेश करना पड़ा था. यानी कहा जा सकता है कि सतना में मरीजों के जान से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है.
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भोपाल तक हुई शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉक्टर अमर सिंह ने बताया कि एंबुलेंस के मेंटेनेंस को लेकर कई बार कॉर्डिनेटर को बता चुका हूं और भोपाल तक पत्र लिख चुका हूं. ऐसा कई बार हुआ है कि फोन करने पर चालक द्वारा जवाब दिया जाता है कि अभी रिपेयरिंग करा रहे हैं, थोड़ी देर बाद आते हैं. खराब मेंटेनेंस की वजह से कई बार मरीजों के परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
