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MP में भोजशाला फैसले के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, पूजा के बाद भक्त बोले- इस दिन को देखने के लिए आंखें तरस गईं

A large number of policemen are also deployed inside the Bhojshala temple.

भोजशाला मंदिर के अंदर भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं.

MP News: मध्य प्रदेश के धार भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन अलर्ट है. हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला परिसर के साथ ही शहर के सभी संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जगह-जगह पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. हालांकि फैसले के बाद से ही प्रशासन की अपील है कि शांति बनाए रखें. उपद्रव करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा. सख्ती से साथ कार्रवाई की जाएगी.

‘अफवाह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा’

शुक्रवार को हाई कोर्ट का फैसला आने के पहले से ही भोजशाला परिसर समेत पूरे शहर में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी. पुलिस अधिकारी लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहे हैं. ड्रोन के जरिए भी मॉनिटरिंग की जा रही है. पुलिस की अपील है कि किसी भी तरह की अफवाह से बचें और अफवाह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

परिसर के बाहर से लेकर पूजास्थल तक भारी फोर्स तैनात

भोजशाला विवाद में हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही भोजशाला परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है. इसके पूजा स्थल के पास भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं. महिला पुलिसकर्मियों की अच्छी संख्या मौजूद है. पूजा-अर्चना शांतिपूर्वक चलती रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट है. संवेदनशील इलाकों में पुलिस मार्चपास्ट कर रही है.

‘इस दिन को देखने के लिए आंखें तरस गईं’

शनिवार सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया है. मंदिर में पूजा-अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं ने कहा कि ये हमारा सौभाग्य है. ऐसा मौका पहली बार आया है, जब हम इसको अपना मंदिर कह सकते हैं. निश्चित रूप से पूरा हिंदू समाज काफी खुश है. हजारों कार्यकर्ता जेल गए. भक्तों ने अपनी कुर्बानी दी. हिंदू कार्यकर्ताओं पर रासुका लगाई गई. सभी लोगों को नमन है. वहीं मंदिर में पहुंची एक महिला श्रद्धालु का कहना है, ‘हम सब बहुत खुश हैं. इस दिन को देखने के लिए आंखें तरस गईं हैं. यह हम सब हिदुओं का सम्मान है.’

‘अयोध्या की तर्ज पर विकसित होगा भोजशाला मंदिर’

बता दें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर मानते हुए नमाज अदा करने के आदेश को रद्द कर दिया था. कोर्ट ने ये फैसला साक्ष्यों (जिसमें मूर्तियां, शिल्पलेख समेत अन्य चीजें शामिल हैं) के आधार पर दिया था. इसके साथ ही इंदौर हाई कोर्ट ने अयोध्या मंदिर के फैसले को भी आधार माना था. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि जिस तरह अयोध्या को विकसित किया गया है, हमारी कोशिश है कि हम भी भोजशाला मंदिर को उसी की तर्ज पर विकसित करेंगे.

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