बेतवा नदी को बचाने 26 अप्रैल से शुरू होगा जन सहभागिता से श्रमदान सप्ताह, 3 सालों से जारी हैं प्रयास

MP News: बेतवा नदी में निरन्तर बढ़ते प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए "बेतवा अध्ययन एवं जनजागरण समूह " ने फ़रवरी मार्च 2023 में बेतवा नदी की अध्ययन एवं जनजागरण यात्रा आयोजित की थी. इस वर्ष भी यह समूह 26 अप्रैल से 2 मई तक बेतवा नदी के उद्गम स्थल पर जन सहभागिता से श्रमदान सप्ताह का आयोजन कर रहा है.
Shramdaan Week driven by public participation will commence on April 26th to save Betwa River

बेतवा नदी (स्त्रोत - सोशल मीडिया)

MP News: बेतवा नदी के सूखे उद्गम स्थल को पुनर्जीवित करने और नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए “बेतवा अध्ययन एवं जनजागरण समूह” द्वारा जन सहभागिता पर आधारित व्यापक अभियान पिछले तीन वर्षों से चलाया जा रहा है.

झिरी गांव से शुरू होगा अभियान

इस साल यह अभियान नए विश्वास, उमंग और अधिक संख्या में नदी-प्रेमियों के साथ दिनांक 26 अप्रैल, रविवार से ग्राम झिरी (जिला रायसेन-कोलार रोड) में पुनः प्रारंभ हो रहा है. भोपाल, रायसेन, विदिशा, इंदौर, सिहोर आदि स्थानों से अनेक पर्यावरण कार्यकर्ता, नदी-प्रेमी व सामाजिक संस्थाएं इस पवित्र समागम में श्रमदान करेंगे.

बेतवा बचाओ अभियान के निम्न प्रमुख बिंदु हैं:

  1. बेतवा नदी में निरन्तर बढ़ते प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए “बेतवा अध्ययन एवं जनजागरण समूह ” ने फ़रवरी मार्च 2023 में बेतवा नदी की अध्ययन एवं जनजागरण यात्रा आयोजित की थी. सात दिन की उस यात्रा में बेतवा नदी के उद्गम स्थल झिरी से कुरवई तक स्थित नदी के किनारे के लगभग दो दर्जन गांवों और आधा दर्जन कस्बों एवं शहरों के स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों, प्रबुद्ध जनों और ग्राम निवासियों से बेतवा की दिन ब दिन बदतर होती स्थिति पर गंभीर चर्चा और जन जागरण किया था. यात्रा के बाद मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री से भी बेतवा नदी के संरक्षण की अपील की गई थी.
  2. 2025 में बेतवा नदी का उद्गम स्थल सूख गया था. नदी के सूखे उद्गम स्थल को जन-सहभागिता से पुनर्जीवित करने के लिए पिछले साल “बेतवा अध्ययन एवं जनजागरण समूह” ने एक सप्ताह के श्रमदान से ५५ चैक डैम बनाकर उद्गम स्थल को आंशिक रूप से पुनर्जीवित किया था. श्रमदान में भोपाल, विदिशा, गंज बासोदा, सिहोर, बैतूल और इंदौर से सैकड़ों प्रकृति प्रेमी शामिल हुए थे. झिरी गांव के बच्चों ने भी अद्भुत सहभागिता की थी.
  3. इस वर्ष भी यह समूह 26 अप्रैल से 2 मई तक बेतवा नदी के उद्गम स्थल पर जन सहभागिता से श्रमदान सप्ताह का आयोजन कर रहा है.
  4. अभियान का नेतृत्व ग्राम सेवा समिति भोपाल के तत्वावधान में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ आर के पालीवाल और गांधीवादी, डॉक्टर सुरेश गर्ग (विदिशा) कर रहे हैं. इस अभियान में मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों की कई समाजसेवी संस्था एवं प्रकृति एवं पर्यावरण प्रेमी सेवानिवृत्त वरिष्ठ वन अधिकारी, पर्यावरणविद समाजसेवी, पत्रकार, अध्यापक और युवा सक्रिय सहभागिता करेंगे.
  5. इस ‘नदी बचाव अभियान’ से जुड़ने के लिए “बेतवा अध्ययन एवं जनजागरण समूह ” ने भोपाल एवं मध्य प्रदेश के सभी संस्थानों और प्रकृति एवं पर्यावरण प्रेमियों से सहभागिता की अपील की है. इस वर्ष इसे हर तरह व्यापक करने की योजना है जिससे नदी उद्गम स्थल को प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित किया जा सकें.

समिति ने सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सप्ताह भर के इस आयोजन में सहभागिता करें.

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