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MP News: KBC से चर्चित हुईं तहसीलदार अमिता सिंह तोमर सस्‍पेंड, राहत राशि वितरण में ढाई करोड़ के घोटाले का है आरोप

Tehsildar Amita Singh Tomar

तहसीलदार अमिता सिंह तोमर

MP News: मध्‍य प्रदेश के चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार ने मंगलवार को एक बड़ा एक्शन लेते हुए विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्‍पेंड कर दिया है. कमिश्नर ने सस्‍पेंशन की कार्रवाई कलेक्टर अर्पिता वर्मा की रिपोर्ट के बाद की है.

राहत राशि वितरण में घोटाले का आरोप

दरअसल, 2021 में बड़ाैदा तहसील में राहत राशि वितरण करते समय करीब ढाई करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया था. अमिता सिंह पर फर्जीवाड़ा कर अपात्रों को मुआवजा बांटने का आरोप लगा है. मामले में सरकारी आदेश के अनुसार, तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर एक पुलिस केस भी दर्ज है, जिसकी जांच चल रही है.

नियम के तहत किया सस्‍पेंड

निमय कहते हैं कि यदि किसी भी सरकारी अफसर को 48 घंटे से ज्यादा जेल (न्‍यायिक हिरासत) में रखा जाता है तो उस अधिकारी को सस्‍पेंड करना जरुरी होता है. तहसीलदार तोमर भी 48 घंटे से ज्यादा समय तक न्‍यायिक हिरासत में रही थीं. यही कारण है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.

निलंबन पर लगे नियम

इस मामले में सस्‍पेंशन के दौरान अमिता सिंह तोमर को गाइडलाइन नियमों के अनुसार गुजारा भत्ता मिलता रहेगा. इसके साथ ही उनका एक मुख्‍यालय भी तय किया जाएगा, जहां अमिता सिंह तोमर को अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. पुलिस की जांच पूरी होने के बाद विभाग यह तय करेगा कि आगे उन पर किस प्रकार से कार्रवाई की करनी है.

तहसील के कामकाज पर होगा असर

अमिता सिंह तोमर के पद से हटने के बाद वहां के सरकारी कामों को संभालने के लिए अब प्रशासन किसी दूसरे अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप सकती है. इससे तहसील में होने वाले आम लोगों के काम किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होंगे.

राहत घोटले में प्राइम सस्‍पेक्‍ट अमिता सिंह

बड़ौदा में बाढ़ राहत घोटाले में 25 पटवारी समेत महिला तहसीलदार अमिता सिंह प्राइम सस्‍पेक्‍ट हैं. उनकी हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद ग्वालियर से उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया था और श्‍योपुर कोर्ट में पेश करने के बाद शिवपुरी महिला जेल भेज दिया गया था.

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