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Ken-Betwa Project: केंद्र ने 17 हजार करोड़ के टनल प्रस्‍ताव किए रिजेक्‍ट, कलेक्‍टर-एसपी के बंगले बचाने के लिए नहर को मिलेगा टर्न

The central government has rejected proposals in the Ken-Betwa project

केन-बेतवा परियोजना में केंद्र ने रिजेक्‍ट किए टर्नल प्रस्‍ताव

MP News: मध्य प्रदेश में केन-बेतवा परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. 17 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत के चलते केंद्र सरकार ने टनल प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया है. चार साल में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने इस परियोजना के एलाइनमेंट में तीन बार बदलाव किया है. निवाड़ी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के बंगले तथा छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों की करीब 40 कॉलोनियों को बचाने के लिए अब नहर को टर्न किया जाएगा.

केंद्र ने राज्य सरकार का टनल प्रस्ताव किया रिजेक्ट

केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए टनल प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. केंद्र का कहना है कि यदि राज्य सरकार इस तरह के निर्माण पर 17 हजार करोड़ रुपए खर्च करना चाहती है, तभी यह संभव है. साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि क्या यह टनल वर्ष 2030 तक बनकर तैयार हो पाएगी, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना की डेडलाइन 2030 तय की है. राज्य सरकार ने नवंबर में 17 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग को भेजा था. नहर की पुरानी एलाइनमेंट पर करीब 3000 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई थी.

तीन बार बदला गया एलाइनमेंट

परियोजना की शुरुआत में अधिकारियों ने बिना सर्वे के दोधन डैम से निकलने वाली नहर का पुराना एलाइनमेंट फाइनल कर केंद्र सरकार को भेज दिया था. इसके बाद दूसरी बार वर्ष 2024 में नया एलाइनमेंट दिया गया, जिसमें कहा गया कि विस्थापन की कोई समस्या नहीं है और कोई गांव प्रभावित नहीं होगा. नवंबर में केंद्र सरकार को तीसरा प्रस्ताव भेजा गया, जिसमें नहर की जगह पाइपलाइन के जरिए अंडरग्राउंड वॉटर सप्लाई की व्यवस्था का सुझाव दिया गया, ताकि विस्थापन की समस्या न आए.

दोधन डैम पर नहीं बनेगी लंबी टनल

परियोजना की लागत कम करने के लिए दोधन डैम के पास पूर्व प्रस्तावित 4 किलोमीटर लंबी टनल अब नहीं बनाई जाएगी. इसकी लागत 3 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई थी, जबकि नहर की लागत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई गई है. टनल नहीं बनने के कारण नहर को लगभग 10 किलोमीटर का टर्न दिया जाएगा. एक नया एलाइनमेंट भी तैयार किया गया है. पुराने एलाइनमेंट की जद में तीन जिलों की 40 कॉलोनियां और करीब 100 गांव आ रहे थे. नए सर्वे के अनुसार अब पांच गांव और दो स्कूल प्रभावित हो रहे हैं. इन गांवों के विस्थापन की पूरी तैयारी कर ली गई है. नए एलाइनमेंट को स्वीकृति भी मिल चुकी है.

केन-बेतवा परियोजना पर एक नजर

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