Vistaar NEWS

MP News: संजय गांधी अस्पताल में मडरा रहा खतरा, तीसरी और चौथी मंजिल पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों से दहशत में मरीज

Patients and staff are terrified by beehives inside the hospital

अस्पताल के अंदर मधुमक्खी के छत्तों से दहशत में मरीज और स्टाफ.

MP News: देश के अलग-अलग हिस्सों में मधुमक्खियां के काटने से हुई घटनाओं के बाद लोगों में डर का माहौल है. विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल संजय गांधी में भी यह खतरा बना हुआ है. दरअसल तीसरी और चौथी मंजिल की बाहरी दीवारों और खिड़कियों पर मधुमक्खियां ने बड़े-बड़े छत्ते बना लिए हैं. करीब 800 बिस्तरों वाले इस विशाल अस्पताल में हर समय हजारों लोगों की मौजूदगी रहती है. ऐसे में मधुमक्खियों का बड़ा जमावड़ा किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है.

दहशत में मरीज और अस्पताल स्टाफ

अस्पताल में लगे मधुमक्खियों के छत्ते की वजह से यहां भर्ती मरीजों और उनके अटेंडर समेत स्टाफ दहशत में रहता है. मधुमक्खी अक्सर खिड़कियों के आसपास उड़ती रहती हैं. यदि किसी कारणवश मधुमक्खियां भड़क गईं तो अस्पताल के भीतर भगदड़ भी मच सकती है गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है, क्योंकि वे खुद बचाव करने में असमर्थ है.

मधुमक्खियों के हमले करने पर बच नहीं पाएंगे मरीज

विस्तार न्यूज़ ने इस पर पूरी पड़ताल की तो देखने में मिला की अस्पताल की तीसरी और चौथी मंजिल में मेडिसिन वार्ड है जहां आईसीयू और गंभीर रोग वार्ड भी है यहां भर्ती कई मरीज वेंटीलेटर या ऑक्सीजन सपोर्ट पर होते हैं. यदि मधुमक्खियां हमला करती हैं तो मरीज खुद को बचाने के लिए भाग भी नहीं सकते हैं. हालात कितने खतरनाक हो सकते हैं, इससे समझा जा सकता है.

काफी ऊंचाई पर होने के कारण छत्ता हटाने में मुश्किल

अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजनों का कहना है कि उड़ती हुई मधुमक्खियां के कारण हमेशा डर बना रहता है. हालांकि अभी मधुमक्खियां ने किसी पर हमला नहीं बोला है, लेकिन इनके भयानक छत्ते को देखकर डर का माहौल बना हुआ है कि कहीं कोई बड़ी दुर्घटना ना हो जाए. रात के समय तो मधुमक्खियां रोशनी देखकर अंदर आने की कोशिश भी करती हैं, हालांकि इनको हटाना इतना आसान काम भी नहीं है, क्योंकि यह काफी ऊंचाइयों पर है.

पहले भी टीम बुलाकर छत्ते को हटाया जा चुका है

लोग बताते हैं कि कई साल पहले भी इसी तरह की समस्या उत्पन्न हुई थी. तब अस्पताल प्रशासन ने बाहर से टीम को बुलाकर छत्ते को हटाया था लेकिन उसके बाद लंबे समय से ध्यान नहीं दिए जाने के कारण मधुमक्खियां ने दोबारा अपना बसेरा बना लिया.

इस विषय पर अस्पताल प्रबंधन से बात की तो उनका कहना है कि मधुमक्खियों का डेरा जम चुका है. इसको हटाने को लेकर प्रयास होते रहते हैं. कई बार हटाया भी गया है. एक बार फिर वन विभाग की टीम को बुलाकर कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें: MP News: प्रतिमा बागरी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, मंत्री के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

Exit mobile version