Bhopal News: भोपाल में दूषित पानी के मामले में अब एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की एंट्री हो गई है. एनजीटी ने भोपाल के कई इलाकों के पानी में मिले ईकोलाई बैक्टीरिया के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच ने पानी में बैक्टीरिया मिलने पर गंभीरता दिखाते हुए इस मामले पर संज्ञान लिया है और इसे लेकर सरकार से जवाब भी मांगा है.
भोपाल में पानी के चार सैंपल हुए फेल
दरअसल इंदौर में दूषित पानी से हुई लोगों की मौतों के बाद भोपाल में भी पानी के चार सैंपलों में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया था. लोगों की शिकायत पर इन इलाकों के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसके बाद ईकोलाई बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई थी. इसमें भोपाल के आदमपुर छावनी, खानू गांव और बाजपेयी नगर के चार सैंपल शामिल थे, जिनकी जांच में ईकोलाई बैक्टीरिया पाया गया था.
NGT ने प्रदूषण बोर्ड से मांगा जवाब
इसी पर संज्ञान लेते हुए एनजीटी का कहना है कि यह सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है. इसलिए एनजीटी ने राज्य प्रदूषण बोर्ड से जवाब मांगा है और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी तलब की है. एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने मध्यप्रदेश सरकार, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. एनजीटी के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ मामला है.
भोपाल के पानी में मिला इंदौर दूषित पानी से मौत वाला बैक्टीरिया
बता दें कि यह वही बैक्टीरिया है, जिससे इंदौर में 20 से ज्यादा लोगों की मौतें हुई थीं. पानी के सैंपल की जांच में सामने आया है कि सीवेज का पानी ट्यूबवेल में रिस रहा है. इससे दूषित पानी की सप्लाई हो रही है और लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है. नगर निगम ने पहले दावा किया था कि निगम यहां पानी की सप्लाई नहीं करता है, लेकिन बाद में यहां से पानी की सप्लाई होने की पुष्टि हुई थी.
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