MP News: मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने बजट की तैयारियां तेज कर दी हैं. डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगे. विस का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा. सूत्रों का कहना है कि बजट में 50 हजार पदों पर भर्ती के साथ कर्मचारी हितैषी घोषणाएं होंगी. संविदा कर्मचारियों को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के स्थान पर महंगाई भत्ता देने, कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा, महंगाई भत्ते में वृद्धि के साथ एक अप्रैल से नए पेंशन नियम लागू करने की घोषणा की जा सकती है.
बजट में सभी वर्गों के हितों का रखा जाएगा ध्यान
बजट में सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए जाएंगे. किसानों के लिए उपज का उचित मूल्य दिलाने सोयाबीन के बाद सरसों सहित अन्य फसलों में भावांतर देने की घोषणा की जा सकती है. वहीं, छोटे-छोटे उद्योग लगाने पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री और विभाग ने सभी विशेषज्ञों और एक्सपर्ट से सलाह ली है. कई क्षेत्रों और वर्गों से भी सुझाव लिए गए हैं. जिसके आधार पर बजट तैयार किया जा रहा है. इधर, पिछले दिनों 2 दर्जन से अधिक विभागों की बैठक भी हुई है. जिसमें योजनाओं की गति और समीक्षा पर भी बातचीत हुई है. जिसको लेकर आने वाले बजट में स्वरूप बदला नजर आएगा.
योजनाओं को गति देने के लिए कैबिनेट ने दी स्वीकृति
इधर, कुछ योजनाओं को फिर से गति देने के लिए कैबिनेट ने भी पिछले दिनों स्वीकृति दी है. करीब पांच ही ऐसी योजनाएं हैं, जो पिछले कई सालों से संचालित हो रही हैं. उनको फिर से संचालित किया जाएगा. इस पर कई विभागों में सहमति दी है. उधर, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भी एक बैठक हो गई है. माना जा रहा है कि फरवरी में एक आखिरी बैठक होगी. इसके बाद बजट विधानसभा में पेश किया जाएगा.
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी घोषणाएं
बताया जा रहा है कि कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, महंगाई भत्ते में वृद्धि, 50 वर्ष बाद पेंशन नियम में परिवर्तन कर एक अप्रैल से लागू करने की घोषणा की जा सकती है. इसे लेकर संबंधित विभागों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं. उधर, डेढ़ लाख संविदा कर्मचारियों को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के स्थान पर अन्य कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता देने का निर्णय भी लिया जा सकता है.
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