महाकाल मंदिर में लाइट एंड साउंड शो फ्री में नहीं देख पाएंगे, प्रति व्यक्ति 100 रुपये देने होंगे

बताया जा रहा है कि लाइट एंड साउंड शो की फीस होने से अब मंदिर समिति को हर महीने लगभग 12 से 15 लाख रुपये महीने की कमाई हो सकती है.
The fee for light and sound show at Baba Mahakal temple was fixed at Rs 100.

बाबा महाकाल मंदिर में लाइट एंड साउंड शो की फीस 100 रुपये की गई.

Ujjain News: उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करना अब महंगा हो गया है. महाकाल मंदिर परिसर में चलने वाले लेजर शो(लाइट एंड साउंड शो) के लिए अब फीस देनी होगी. लेजर शो के लिए 100 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाएगा. अब तक ये श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क था. दीपावली पर 18 करोड़ करोड़ की लागत से लाइट एंड साउंड प्रोग्राम शुरू किया गया था. पिछले 7 महीने से इसके लिए श्रद्धालुओं से कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा था.

शो के संचालन में हर महीने डेढ़ लाख का खर्च आता है

महाकाल मंदिर प्रशासन का कहना है कि अब तक शो का संचालन श्रद्धालुओं के लिए फ्री था. लेकिन शो के संचालन में हर महीने लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च हो जाते हैं. जिसके कारण अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है. उस खर्च को मैनेज करने के लिए श्रद्धालुओं से अब 100 रुपये का शुल्क रखा गया है. बता दें बाबा महाकाल की संध्या आरती के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु लेजर शो को देखने के लिए पहुंचते हैं. हालांकि अब फीस लिए जाने के बाद लाइट एंड साउंड शो देखने के लिए आने वाले लोगों की संख्या में कमी देखी जा सकती है.

एक श्रद्धालु को एक दिन में खर्च करने होंगे 1050 रुपये

लेजर शो की फीस का सीधा असर महाकाल दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के जेब पर पड़ेगा. महाकाल मंदिर में भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग 200 रुपये, संध्या आरती के लिए 250 रुपये, शयन आरती का शुल्क 250 रुपये, शीघ्र दर्शन का शुल्क 250 और लेजर शो के लिए भी 100 रुपये देने होंगे. मतलब अब कोई श्रद्धालु एक दिन में इन सभी आयोजनों में शामिल होता है तो उसे 1050 रुपये देने होंगे. माना जा रहा है कि लाइट एंड साउंड शो की फीस होने से अब मंदिर समिति को हर महीने लगभग 12 से 15 लाख रुपये महीने की कमाई हो सकती है.

बता दें लाइट एंड साउंड शो पिछले साल दिवाली के मौके पर शुरू किया गया था. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद इसका लोकार्पण किया था. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 18 करोड़ से भी ज्यादा लागत से इसका संचालन शुरू किया गया था.

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