Mahakal Sawari 2026: हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक सावन का महीना भगवान शिव का प्रिय माह माना जाता है. हिंदू कैलेंडर के पांचवें महीने यानी श्रावण मास (सावन) में शिव मंदिर में भक्तों का तांता देखने को मिलता है. इस महीने भगवान का विशेष तौर पर शृंगार किया जाता है और पूजा-अर्चना की जाती है. बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के दरबार में अलग ही नजारा देखने को मिलता है. बाबा सावन महीने के हर सोमवार को नगरवासियों को दर्शन देने के लिए निकलते हैं.
30 जुलाई से सावन की शुरूआत
श्रावण या सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो रही है. ये रक्षाबंधन तक चलेगा. इस सावन के महीने में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया जाता है और दरबार को भव्य-दिव्य रूप में सजाया जाता है. श्रद्धालु देश और विदेश के अलग-अलग से हिस्सों से दर्शन के लिए पहुंचते हैं. जानकारी के मुताबिक पिछले साल श्रावण और भाद्रपद (भादौ) में 90 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे. अनुमान जताया जा रहा है कि इस बार ये संख्या 1 करोड़ के पार पहुंच सकती है.
कब निकलेगी पहली सवारी?
बाबा महाकाल को उज्जैन का राजा माना जाता है. राजसी ठांठ-बांट के साथ बाबा सावन मास के हर सोमवार को नगरवासियों को दर्शन देने के लिए निकलते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंडित महेश पुजारी का मानना है कि ये परंपरा मराठा काल से चली आ रही है.
इसके साथ ही भाद्रपद यानी भादौ के 15 दिनों को शिव त्योहार में शामिल किया जाता है. दो सवारियां इस महीने भी निकाला जाता हैं. इस तरह कुल मिलाकर 6 सवारियां निकाली जाती हैं. अब पहली सवारी की बात करें तो 3 अगस्त 2026 को निकाली जाएगी.
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रविवार को खुलेंगे स्कूल
सावन के महीने में भक्तों की संख्या को देखते हुए, प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. अगस्त और सितंबर में स्कूल रविवार को खुलेंगे और सोमवार को बंद रहेंगे. इसके पीछे का कारण बताया गया है कि महाकाल की सवारी और श्रद्धालुओं की भीड़ है. इसके साथ ही जिला प्रशासन का कहना है कि सुविधाओं पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है. साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य़ और स्वास्थ्य सुविधाओं को मुस्तैद रखा जा रहा है.
