दुनियाभर में बाबा महाकाल के भक्त उनके दरबार में माथा टेकने उज्जैन पहुंचते हैं. बीते कुछ सालों में मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या में जमकर बढ़ोतरी हुई है. मंदिर प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि पिछले तीन सालों (2023 से 2025) में 20.92 करोड़ श्रद्धालु बाबा के दर्शनों के लिए आए. इन तीन सालों में मंदिर समिति को कुल 356.17 करोड़ रुपये की आय हुई हैं.
इस आंकड़े में बतौर दान 175.70 करोड़ मिले, जबकि प्रसाद बिक्री से 180.77 करोड़ रुपये की आय हुई. इतना ही नहीं पिछले साल 4.65 करोड़ रुपये गुप्त दान के रुपये में प्राप्त हुए है. इन सब को जोड़कर अब मंदिर समिति के पास कुल 472 करोड़ रुपये हैं. मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, वर्ष 2023 में 5.30 करोड़ भक्त आए इसके बाद 2024 में 7.20 करोड़ लोग मंदिर पहुंचे और 2025 में 8.42 करोड़ श्रद्धालु बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचे. यानी इन 3 सालों में कुल 20.92 करोड़ लोग मंदिर पहुंचे.
कहां हो रहा है दान का उपयोग?
समिति द्वारा जानकारी दी गई है कि भक्तों से मिले दान का उपयोग मंदिर के निर्माण कार्य में किया जा रहा है. यह सिंहस्थ की तैयारी का एक भाग है. इसके अलावा इंदौर-उज्जैन रोड पर 2200 कमरों का एक भक्त निवास भी बनाया जा रहा है. गौरतलब है कि महाकाल लोक का लोकार्पण 11 अक्टूबर 2022 को होने के बाद प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 1.5 से 2 लाख हो गई है.
सिंहस्थ 2028
उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन 27 मार्च से 27 मई 2028 तक किया जाएगा. क्षिप्रा नदी के तट पर आयोजित होने वाले इस दो महीने के धार्मिक महापर्व में करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अभी से तैयारियां तेज कर दी है.
ये भी पढ़ेंः आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की तैयारी क्यों? क्या है पूरा मामला
