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मोहर्रम के जुलूस में 40 फीट ऊपर कार लटकाकर किया विस्फोट, उज्जैन में पुलिस ने आरोपियों की सड़कों पर परेड निकाली

In Ujjain, the police took out a procession on the road of the accused who carried out a car blast during Muharram.

उज्जैन में मोहर्रम में कार में ब्लास्ट करने वाले आरोपियों का पुलिस ने सड़क पर ही जुलूस निकाला.

MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में मोहर्रम के जुलूस में हुड़दंग करने वालों को पुलिस ने सबक सिखाया है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनका सड़कों पर जुलूस निकाला. इस दौरान तीनों आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए. जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.

क्रेन से 40 फीट ऊंचाई पर लटकाकर किया विस्फोट

जानकारी के अनुसार 24 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला गया था. जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे. इसी दौरान एक कार को क्रेन से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाकर उसमें विस्फोट किए जाने का मामला सामने आया था. घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे. प्रत्यक्षदर्शी वीडियो में विस्फोट से पहले कुछ लोग लाल झंडे लहराते दिखाई दे रहे हैं. वहीं कार पर “लो फिर आ गए” लिखा हुआ भी नजर आ रहा था. बताया जा रहा है कि जुलूस का आयोजन शेरे अडान अखाड़ा बड़नगर द्वारा किया गया था.

वहीं घटना का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं.

हिंदू जागरण मंच ने उठाए सवाल

वहीं हिंदू जागरण मंच के महानगर जिला संयोजक रितेश माहेश्वरी ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का उपयोग कैसे हुआ, और इसकी अनुमति किस आधार पर दी गई. उन्होंने प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. संत समाज की ओर से महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इस प्रकार का प्रदर्शन गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर सकता था. उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की.

इंस्टाग्राम पर शेयर हुए कई वीडियो

जिस इंस्टाग्राम आईडी “परवेज एडिट्स 2.0” से वीडियो साझा किए गए, उसमें कार विस्फोट के अलावा अन्य स्टंट और प्रदर्शन के वीडियो भी दिखाई दे रहे हैं. इसी तरह हुसैनी अखाड़ा शाहजलालपुरा के कार्यक्रमों से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें युवकों द्वारा विभिन्न करतब दिखाए जा रहे हैं. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कारणदीप सिंह ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 285, 287 और 288 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है.

‘इस तरह के कृत्य करने की नहीं थी इजाजत’

एएसपी सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कार के भीतर किसी उच्च क्षमता के विस्फोटक का उपयोग नहीं किया गया था, बल्कि दिवाली में उपयोग होने वाली रॉकेट और श्रृंखलाबद्ध आतिशबाजी जैसी सामग्री चलाई गई थी. बंद वाहन के भीतर गैस बनने और दबाव बढ़ने के कारण कांच टूटने से विस्फोट जैसा दृश्य उत्पन्न हुआ. उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजकों को केवल जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी. किसी भी प्रकार के विस्फोटक प्रदर्शन या ऐसे स्टंट की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी गई थी. पुलिस के अनुसार आयोजकों को पहले ही हिदायत दी गई थी कि ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे आमजन की सुरक्षा को खतरा पहुंचे.


आकर्षण बढ़ाने के लिए किया गया स्टंट

एएसपी कारणदीप सिंह ने कहा कि विभिन्न अखाड़ों के बीच अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा रहती है. प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि भीड़ और सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से यह स्टंट किया गया. हालांकि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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