Panchang Tradition MP Temples Celebration: पूरे देश में 15 अगस्त 2026 को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. इसे लेकर लोगों में देशभक्ति का जोश और उत्साह का माहौल है. जहां एक ओर देशवासी आजादी के इस पर्व को सेलिब्रेट करने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं, मध्य प्रदेश के दो मंदिर ऐसे हैं, जहां 11 अगस्त को ही स्वंत्रतता दिवस धूमधाम से मना लिया गया. कई दशकों से इसी तरह राष्ट्रीय त्योहार को मनाया जा रहा है.
किन मंदिरों में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस?
मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में मंगलवार (11 अगस्त) को स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. शिवना नदी के किनारे स्थित इस मंदिर में धार्मिक आयोजन किए गए. भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया. वैदिक मंत्रों के साथ पूरे विधि-विधान से पूजा की गई. इसके साथ ही 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प भी लिया गया. जानकारी के मुताबिक इस आयोजन में 250 श्रद्धालु शामिल हुए.
उज्जैन के प्रसिद्ध बड़े गणेश मंदिर में भी 11 अगस्त 2026 को ही आजादी का पर्व का मनाया गया. भगवान गणेश की पूजा अर्चना ‘राष्ट्र देव’ के रूप में की गई. भगवान को राष्ट्रीय ध्वज अर्पित किया गया. इसके साथ ही मंदिर के शिखर पर ‘तिरंगा’ फहराया गया. महाआरती की गई और देशभक्ति के नारों से परिसर गुंजायमान हो गया. तिरंगा यात्रा भी निकाली गई.
आखिर 11 अगस्त ही क्यों?
सबसे बड़ा सवाल अभी भी ये है कि 11 अगस्त को ही उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर और मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में 11 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया गया. दरअसल, 15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ था. उस दिन हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण (सावन) कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी. यही वजह है कि इस साल 15 के जगह 11 अगस्त को इन दोनों मंदिरों में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया. पशुपतिनाथ मंदिर में 1985 से ही ये परंपरा निभायी जा रही है.
