Chaubis Khamba Temple Ritual: शारदीय नवरात्र में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन लोग दुर्गा देवी की पूजा करते हैं. हवन, पूर्णाहूति के साथ कन्या पूजन और भोज का आयोजन करते हैं. मध्य प्रदेश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है. इस अवसर पर उज्जैन में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने महामाया और महालया माता को शराब चढ़ाकर 2000 साल से चली आ रही परंपरा को निभाया.
कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह एवं एस पी श्री प्रदीप शर्मा ने नवरात्रि की महा अष्टमी पर चौबीस खंभा माता मंदिर पर मां महामाया एवं महालया की विधि विधान से नगर पूजा की @JansamparkMP @CMMadhyaPradesh https://t.co/xFpc90KW2W
— Collector Ujjain (@collectorUJN) October 19, 2026
चौबीस खंभा मंदिर में की पूजा
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने सोमवार को सुबह 8 बजे चौबीस खंभा मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके साथ ही देवी महामाया और महालया को शराब का भोग लगाया. कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे. इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद शासकीय अधिकारियों और कोटवारों को शहर के अलग-अलग स्थानों पर पूजा-अर्चना के लिए भेजा गया.
25 लीटर शराब का उपयोग
इस पूजन के लिए उज्जैन शहर के 27 किमी हिस्से में लगभग 40 से ज्यादा मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है. इसके लिए 25 लीटर से ज्यादा शराब का उपयोग किया जाता है. स्थानीय परंपराओं के मुताबिक तामसिक और सात्विक दोनों तरह की पूजा-अर्चना की जाती है.
2100 साल पुराना परंपरा
हर साल नवरात्र पर आयोजित होने वाली उज्जैन की नगर पूजा का इतिहास करीब 2100 साल पुराना है. ये परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल में शुरू हुई थी. बाद में परंपरा सिंधिया काल में भी जारी रही. इसके बाद इसे शासन और प्रशासन ने अपना लिया है. इस पूजन का खर्च संबंधित विभाग और अधिकारी वहन करते हैं. इसे उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा माना जाता है.
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इस धार्मिक अनुष्ठान के जरिए नगर में मौजूद अतृप्त आत्माओं को तृप्ति मिलती है. माना जाता है कि इस पूजन के बाद वे प्रसन्न होती हैं. इसके साथ ही नगरवासियों को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं.
