Mauganj Farmers Protest: मऊगंज जिले के नईगढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम बूढ़ा में किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए ऐसा अनोखा आंदोलन शुरू किया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है. कथित तौर पर किसानों की पट्टे की भूमि पर जबरन मुरूम डालकर सड़क निर्माण किए जाने के विरोध में दर्जनों किसान सोमवार सुबह से अपने ही खेत में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं.
किसानों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने कब्जे की नीयत से उनकी कृषि भूमि पर बिना अनुमति और बिना सहमति के मुरूम डलवाकर सड़क निर्माण शुरू कर दिया. इससे उनकी खेती योग्य भूमि प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
जब अन्याय खेत में हुआ है, तो लड़ाई भी खेत से ही होगी
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नईगढ़ी के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता अखिलेश पटेल के नेतृत्व में किसान अपने खेतों में पहुंचे और वहीं दरी बिछाकर आमरण अनशन शुरू कर दिया. किसानों ने कहा कि आमतौर पर आंदोलन तहसील या कलेक्ट्रेट में किए जाते हैं, लेकिन जब उनकी जमीन पर ही अतिक्रमण हो रहा है, तो संघर्ष भी उसी जमीन से किया जाएगा.
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किसानों की चेतावनी- कार्रवाई तक जारी रहेगा अनशन
आमरण अनशन पर बैठे सुरेश मिश्रा, रामजनी तिवारी, विजय मिश्रा, राजीव लोचन मिश्रा, कन्हैया लाल मिश्रा, राजीव मिश्रा, भागवत प्रसाद मिश्रा और हृदय लाल मिश्रा सहित अन्य भूमि स्वामियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक कथित अवैध सड़क निर्माण हटाकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. अधिवक्ता अखिलेश पटेल ने कहा कि यह केवल जमीन का नहीं बल्कि किसानों की आजीविका और अधिकारों का प्रश्न है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की.
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
समाचार लिखे जाने तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था. इससे किसानों में नाराजगी और बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
मऊगंज में पहली बार खेत बना अनशन स्थल
भूमि विवादों को लेकर जिले में पहले भी कई आंदोलन हुए हैं, लेकिन खेत को ही आमरण अनशन का केंद्र बनाने का यह पहला मामला माना जा रहा है. किसानों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भूमि अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
