MP News: कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ दायर मानहानि का मामला वापस ले लिया है. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले पर पुनर्विचार करने के आग्रह के बाद लिया गया. विवेक तंखा ने सुप्रीम कोर्ट को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है कि वह इस केस को आगे नहीं बढ़ाना चाहते. इस निर्णय को राजनीतिक और कानूनी हलकों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है.
विवेक तंखा ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं का जताया अभार
विवेक तंखा ने अपने इस फैसले के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, महेश जेठमलानी, सुमर सोढ़ी और धीरेंद्र परमार का विशेष रूप से आभार जताया है. उन्होंने कहा कि इन सभी की मध्यस्थता और सकारात्मक प्रयासों के चलते यह मामला सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का मार्ग प्रशस्त हुआ. सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को मामले पर गंभीरता से विचार करने और अनावश्यक टकराव से बचने का संकेत दिया था. इसी के बाद तंखा ने यह निर्णय लिया.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से जुड़ा है मामला
यह मानहानि का मामला लंबे समय से चल रहा था और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक बयान से जुड़ा था, जिसे लेकर विवेक तंखा ने अपनी छवि धूमिल होने का आरोप लगाया था. यह प्रकरण निचली अदालतों से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में रहा.
कानूनी जानकारों का मानना है कि विवेक तंखा द्वारा केस वापस लेना न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान और संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाने की भावना को दर्शाता है. वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी और संसदीय माहौल में तनाव कम करने की दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं. अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर कोई आगे की सुनवाई नहीं होगी और यह प्रकरण यहीं समाप्त माना जाएगा.
