MP के गिद्ध ने 3 देशों का सफर तय किया, 3000 किलोमीटर दूर उज्बेकिस्तान पहुंचा, CM मोहन यादव ने किया था आजाद

राजस्थान के रास्ते 1300 किलोमीटर की दूरी तय करके पाकिस्तान के खानेवाल पहुंच गया था. फिर अफगानिस्तान होते हुए उज्बेकिस्तान पहुंचा.
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MP News: ‘पंछी नदिया पवन के झोंके, कोई सरहद भी ना इन्हें रोके…’ ये बोल साल 2000 में आई एक फिल्म रिफ्यूजी के एक गाने के हैं. अब ये गाना मध्य प्रदेश के एक पक्षी पर सटीक बैठ रहा है. मध्य प्रदेश के रायसेन जिले का एक गिद्ध 3 हजार किलोमीटर की दूरी और तीन देशों की सरहद को पार करता हुआ उज्बेकिस्तान पहुंच गया है.

विदिशा के सिरोंज में घायल अवस्था में मिला था

दुर्लभ प्रजाति का काला गिद्ध, जिसे ‘सिनेरियस विल्चर’ भी कहा जाता है. यह दिसंबर 2025 में विदिशा के सिरोंज में घायल और बेहद कमजोर हालत में मिला था. जिसके बाद भोपाल के गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र में इसका इलाज और देखरेख की गई. जिसके बाद इसे रायसेन के हलाली डैम में लाया गया था.

CM मोहन यादव ने प्राकृतिक आवास में मुक्त किया

पूरी तरह स्वस्थ्य होने और अच्छी उड़ान में सक्षम होने के बाद फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हलाली डैम से गिद्ध को प्राकृतिक आवास में मुक्त किया था. लेकिन तभी जीपीएस के ट्रैकिंग सिग्नल से इसका संपर्क टूट गया. बाद में पता चला कि यह गिद्ध राजस्थान के रास्ते 1300 किलोमीटर की दूरी तय करके पाकिस्तान के खानेवाल पहुंच गया है.

अफगानिस्तान को पार करता हुआ उज्बेकिस्तान में दाखिल

जैसे ही भारत के गिद्ध की पाकिस्तान पहुंचने की सूचना मिली, तो तुरंत ही वर्ल्ड वाइड फेडरेशन इंडिया(WWF-India) ने पाकिस्तान से संपर्क किया. बताया जा रहा है कि WWF की पाकिस्तान की शाखा ने गिद्ध का रेस्क्यू करके उसका इलाज किया. लेकिन फिर अब जानकारी सामने आ रही है कि रायसेन से उड़ा गिद्ध पाकिस्तान के बाद अफगानिस्तान सीमा पार करते हुए उज्बेकिस्तान पहुंच चुका है. इस दौरान अब तक गिद्ध ने 3 हजार किलोमीटर की दूरी तय की है.

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