ग्वालियर किले के आलमगीर गेट में लगती थी औरंगजेब की कचहरी, प्रजा की समस्या खुद सुनता था मुगल बादशाह
शिवेंद्र कुशवाहा
ग्वालियर किला
ग्वालियर रियासत पर 16वीं सदी में मुगल सम्राट औरंगजेब ने कब्जा कर अपना शासन चलाया था.उसने किले के प्रवेश द्वार पर एक कचहरी बनवाई थी, जहां लोगों की समस्याएं सुनी जाती थीं. यह कचहरी आज भी किला गेट के अंदर मौजूद है और पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित है. इस गेट का निर्माण 1660 में कराया गया था, जिसे आलमगीर गेट भी कहा जाता है.इतिहासकार बताते हैं कि औरंगजेब ने किले के पास मस्जिद बनवाई और आसपास का इलाका बसाया था.इस कचहरी में कई कमरे बने हैं, जहां प्रजा से जुड़े कामकाज होते थे और खुद औरंगजेब बैठता था.विद्वान हरिहर निवास द्विवेदी ने अपनी किताब ‘ग्वालियर के तोमर’ में भी इसका जिक्र किया है.औरंगजेब के जिंदा रहने तक ही यह कचहरी लगी, उसके बाद यह खत्म हो गई.उस दौर में ग्वालियर किला मुगलों के लिए जेल की तरह इस्तेमाल होता था, जहां शाही कैदियों को रखा जाता था.औरंगजेब ने अपने भाई मुराद बख्श को भी मन मंदिर महल में कैद करके रखा था.