धान की चिंता छोड़ें! मानसून में MP के किसान इन फसलों से कर सकते हैं मोटी कमाई
शिवेंद्र कुशवाहा
मानसून में इन फसलों की खेती कर सकते हैं
मानसून के सीजन में एमपी में खेती के लिहाज से सामान्य बारिश देखने को मिलती है, जिसका लाभ फसलों और किसानों दोनों को होता है. एमपी के जिन क्षेत्रों में कम बारिश होती है, वहां के किसान बाजरे की खेती कर सकते हैं. यह कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है, इसकी खेती की लागत में बहुत ही कम खर्च आता है और यह सूखे में भी हो जाती है. मार्केट में अक्सर तिल की काफी ज्यादा मांग रहती है और दूसरी फसलों के मुकाबले इसकी कीमत भी ज्यादा होती है.तिल को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है और न ही बार-बार सिंचाई करनी पड़ती है, इसलिए किसानों के लिए इसकी खेती फायदेमंद है. वहीं कम बारिश वाले इलाकों में अरहर की अच्छी-खासी पैदावार होती है, इसकी जड़ें जमीन के अंदर तक जाती हैं, जिस वजह से इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती.कम पानी और कमजोर मिट्टी में भी अनाज और पशुओं का चारा देने वाली ज्वार की खेती पशुपालक किसानों को दोगुना मुनाफा देती है. कम लागत और कम पानी में जल्दी तैयार होने वाली मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाती है और बाजार में लगातार मांग के कारण किसानों को बंपर मुनाफा देती है.