नंदगांव में एक दिन बाद होता है कान्हा का जन्मोत्सव, जानें इसके पीछे की अनोखी परंपरा
शिवेंद्र कुशवाहा
कृष्णजन्माष्टमी 2026
नंदगांव के नंद भवन में रक्षाबंधन से ही जन्माष्टमी की तैयारियां और कान्हा के जन्म की खुशी में बधाई गीत गाना शुरू हो जाता है, जिसे ब्रज के गायक लगातार आठ दिनों तक गाते हैं. नंदगांव में भादो महीने की शुरुआत से ही पुजारी और संत लोग रोज कान्हा के जन्म की बधाई के खास गीत गाते हैं. कैलेंडर में तारीखें घटने-बढ़ने से बधाई का कोई भी दिन छूट न जाए, इसीलिए ब्रजवासी बिना किसी कमी के यह उत्सव एक दिन बाद मनाते हैं. सदियों पहले सेवायतों ने यह नियम बनाया था कि रक्षाबंधन के ठीक आठवें दिन ही नंदगांव में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा.इस खास नियम के कारण कान्हा के जन्म की बधाई का एक भी दिन कम नहीं होता और यही अनोखी परंपरा आज भी निभाई जा रही है. नंदगांव में इसे केवल भगवान का जन्म नहीं, बल्कि नंद बाबा के घर लाला के आने की खुशी और एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है. जन्माष्टमी के अगले दिन होने वाले नंद महोत्सव में भारी भीड़ उमड़ती है.