Ganga Dussehra Puja And Muhurat: हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, मई का महीना बहुत ही खास माना जाता है क्योंकि इस माह कई ऐसे धार्मिक त्योहार आते हैं, जिनका विशेष महत्व होता है. ऐसा ही एक पर्व है गंगा दशहरा. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हर साल गंगा दशहरा का यह त्योहार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है.
मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष गंगा दशहरा का त्योहार 25 मई को देश भर में मनाया जाएगा. इस पावन पर्व को न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है, बल्कि इसे मनुष्य के दस प्रकार के पापों के नाश का भी प्रतीक माना गया है.
गंगा दशहरा के दिन ये संयोग बन रहे
- ज्योतिषियों के अनुसार, गंगा दशहरा के शुभ दिन पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिनमें हस्त नक्षत्र, रवि योग और व्यतिपात जैसे दुर्लभ योग शामिल हैं.
- शास्त्रों के अनुसार, इस पावन अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान करने और अपनी क्षमता अनुसार दान करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है साथ ही मां गंगा का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है.
दशमी तिथि और शुभ मुहूर्त
- दशमी तिथि की शुरुआत: 25 मई 2026 को सुबह 04:30 बजे से हो चुकी है.
- दशमी तिथि का समापन: 26 मई 2026 को सुबह 05:10 बजे होगा.
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:30 बजे से 05:30 बजे तक (स्नान के लिए सर्वोत्तम समय).
- अभिजित मुहूर्त (पूजा के लिए): दोपहर 12:17 बजे से 01:10 बजे तक.
मां गंगा की पूजा कैसे करें?
- सबसे पहले इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में स्नान करें.
- यदि किसी कारणवश आप नदी पर नहीं जा सकते हैं, तो घर पर ही स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
- इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें.
- फिर पूजा स्थान पर मां गंगा की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें और उन्हें फूल, अक्षत, चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें.
- अंतिम में शुद्ध घी का दीपक जलाकर मां गंगा की आरती करें.
पूजा के समय किस मंत्र का जाप करें?
आज गंगा दशहरा के दिन पूजा के समय मां गंगा के इस विशेष मंत्र का जाप करना बहुत लाभकारी माना जाता है.
ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः
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गंगा दशहरा पर दान का नियम
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गंगा दशहरा के पावन पर्व पर 10 की संख्या का विशेष महत्व माना गया है. मान्यता है कि इस दिन 10 प्रकार की वस्तुओं का दान करना अत्यंत पुण्यदायी होता है. इनमें जल, अन्न, फल, वस्त्र, पूजन सामग्री, घी, नमक, तेल, शक्कर और स्वर्ण शामिल हैं. इसके अलावा, किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान देना और भोजन कराना भी अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
