Shani Gochar 2026: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सितंबर में शनि की दृष्टि सिंह राशि के स्वामी सूर्य और मिथुन व कन्या राशि के स्वामी बुध पर पड़ने वाली है. इसका असर इन तीनों राशियों के काम, फैसलों, धन और मानसिक स्थिति पर देखने को मिल सकता है.
Krishna Janmashtami Puja Muhurat: वहीं दृक पंचांग के अनुसार, लड्डू गोपाल का यह 5253वां जन्मोत्सव है, जो ज्योतिषियों के नजरिए से बहुत ही खास माना जा रहा है. इस पवित्र त्योहार पर भक्त श्री कृष्ण की उपासना करते हैं और उनकी सच्चे मन तथा श्रद्धा से पूजा-अर्चना कर उपवास रखते हैं.
Janmashtami Tulsi Upay Rules: धार्मिक मान्यताओं में इस दिन पूजा-पाठ,भोग और विशेष उपायों का खास महत्व बताया गया है. भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी बहुत प्रिय मानी जाती है. यही वजह है कि कान्हा की पूजा और भोग में तुलसी दल का इस्तेमाल शभ माना जाता है.
Trigrahi Yog Janmashtami Rashifal: मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से कुछ जातकों को करियर, धन, मान-सम्मान और पारिवारिक जीवन में सकरात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. आइए जानते हैं वे कौन सी चार राशियां हैं जिन्हें इसका सबसे अधिक लाभ मिल सकता है.
Janmashtami Midnight Celebration Significance: मान्यताओं के अनुसार, हर साल जन्माष्टमी का उत्सव आधी रात को मनाया जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार की जन्माष्टमी में 15 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
Janmashtami Puja Vidhi: मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण को उनकी मनपसंद चीजें और भोग चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. हिंदू धर्म ग्रंथों में कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार को बहुत ही खास और महत्वपूर्ण बताया गया है.
Mars Transit Punarvasu Nakshatra: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. कल 2 सितंबर 2026 को मंगल और गुरु के होने वाले इस अद्भुत नक्षत्र परिवर्तन का असर कई राशियों पर पड़ेगा. आइए जानते हैं कि मंगल ग्रह के नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों पर असर देखने को मिलेगा.
Raksha Bandhan Visiting Rules Shastra: वहीं कई बार भाइयों और बहनों के बीच इस बात को लेकर असमंजस बन जाता है कि राखी बांधने के लिए बहनें भाइयों के घर जाएंगी या भाई अपनी बहनों के घर जाकर राखी बंधवा सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस बारे में शास्त्रों और कथाओं में क्या बताया गया है.
Raksha Bandhan Unique Tradition: इस जिले में रक्षाबंधन पूर्णिमा के दिन नहीं, बल्कि उसके अगले दिन यानी प्रतिपदा को बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं. आइए जानते हैं कि आखिर भारत के इस जिले में एक दिन बाद रक्षाबंधन का त्योहार क्यों मनाया जाता है और इसके पीछे की क्या वजह है.
Raksha Bandhan 2026: इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त 2026 दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा. भाई-बहन के अटूट प्यार का यह पर्व हर वर्ष सावन महीने की पूर्णमा को आता है. इस शुभ दिन पर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र व तरक्की की दुआ करती हैं.