Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को आसमान में एक खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जब साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा. इस दौरान चांद लालिमा लिए दिखाई देगा, जिसे आमतौर पर ‘ब्लड मून’ कहा जाता है. खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इस अनोखे दृश्य का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. खास बात यह है कि ऐसा दृश्य अब सीधे तौर पर 2029 से पहले देखने को नहीं मिलेगा.
कैसे बनता है ब्लड मून
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और पूर्ण चंद्रग्रहण की स्थिति बनती है. हालांकि इस दौरान सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती हैं. वायुमंडल नीली रोशनी को अधिक बिखेर देता है, जबकि लाल और नारंगी रंग की तरंगें मुड़कर चंद्रमा तक पहुंचती हैं. इसी कारण ग्रहण के समय चांद लाल रंग का दिखाई देता है.
भारत में ग्रस्तोदय के रूप में दिखेगा ग्रहण
भारत में यह चंद्रग्रहण ग्रस्तोदय के रूप में नजर आएगा. इसका मतलब है कि जब चंद्रमा विभिन्न शहरों में उदित होगा, तब वह पहले से ही ग्रहण की स्थिति में होगा. इसलिए देश के अलग-अलग हिस्सों में चंद्रग्रहण का दिखाई देने वाला समय अलग-अलग रहेगा. दोपहर 3.20 बजे से ग्रहण की प्रक्रिया शुरू होकर शाम 6.47 बजे तक चलेगी, लेकिन भारत में इसका शुरुआती चरण दिखाई नहीं देगा.
दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता का समय
राजधानी दिल्ली में चंद्रग्रहण शाम 6.22 बजे चंद्रोदय के साथ दिखाई देगा और करीब 25 मिनट तक नजर आएगा. लखनऊ में यह शाम 6.02 बजे से लगभग 45 मिनट तक दिखेगा. कोलकाता में 5.43 बजे से करीब 1 घंटा 15 मिनट तक ग्रहण देखा जा सकेगा.
भोपाल, चेन्नई और पटना में दृश्य
भोपाल और चेन्नई में लगभग 6.21 बजे चंद्रोदय के साथ ग्रहण दिखेगा, जहां यह करीब 25 से 26 मिनट तक नजर आएगा. पटना में 5.55 बजे से लगभग 51 मिनट तक यह दृश्य दिखाई देगा.
दक्षिण और उत्तर भारत के अन्य शहरों का समय
बेंगलूरु में शाम 6.32 बजे से करीब 14 मिनट तक ग्रहण देखा जा सकेगा, जबकि हैदराबाद में 6.26 बजे से करीब 20 मिनट तक यह नजर आएगा. कानपुर में 6.14 बजे से लगभग 32 मिनट तक चंद्रग्रहण दिखेगा.
पूर्वोत्तर में ज्यादा देर तक दिखेगा नजारा
पूर्वोत्तर के शहरों में यह नजारा अपेक्षाकृत ज्यादा देर तक रहेगा. शिलांग में 5.27 बजे से करीब 1 घंटा 19 मिनट, इम्फाल में 5.18 बजे से लगभग 1 घंटा 28 मिनट और ईटानगर में 5.19 बजे से करीब 1 घंटा 27 मिनट तक ग्रहण देखा जा सकेगा.
खगोलीय घटना को लेकर उत्साह
यह खगोलीय घटना न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक दुर्लभ और रोमांचक अनुभव साबित होगी. साफ मौसम होने पर लोग अपने शहर में इस लाल चांद का अद्भुत दृश्य देख सकेंगे.
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(डिस्क्लेमर: यह खबर धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष शास्त्र और पंचांग आधारित जानकारी पर लिखी गई है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है. विस्तार न्यूज किसी भी ज्योतिषीय दावे की पुष्टि नहीं करता है.)
