Nirjala Ekadashi Tulsi Upay: हिंदू धर्म के सबसे पवित्र व्रतों में से एक निर्जला एकादशी व्रत आज देशभर में मनाया जा रहा है. शास्त्रों में इस व्रत को सबसे शुभ और फलदायी माना गया है. जो भी व्यक्ति इस व्रत को रखता है, वह पूरे दिन न तो पानी पीता है और न ही भोजन का सेवन करता है. निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दिन तुलसी की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है, क्योंकि धर्म ग्रंथों में तुलसी को साक्षात मां लक्ष्मी का दर्जा दिया गया है.
अगर आप आर्थिक तंगी, मानसिक व शारीरिक बीमारी या नकारात्मक ऊर्जा से परेशान हैं, तो निर्जला एकादशी व्रत के दिन तुलसी की पूजा करें. इससे आपके सारे कष्ट दूर होंगे और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी.
आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए सरल उपाय
अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी से परेशान हैं और कई कोशिशों के बाद भी इससे छुटकारा नहीं पा रहे हैं, तो निर्जला एकादशी व्रत के दिन ये उपाय करें.
तिजोरी में तुलसी की मिट्टी रखें
निर्जला एकादशी व्रत के दिन तुलसी के पौधे की थोड़ी-सी मिट्टी लें. फिर इस मिट्टी को एक लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या पैसे रखने की जगह पर रख दें. माना जाता है कि ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और धन के स्रोत बढ़ने लगते हैं.
घी का दीपक जलाएं
इस दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं. दीपक जलाते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का मन ही मन जाप करें. ऐसा करने से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और घर में शांति का माहौल बना रहता है.
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए करें यह उपाय
अगर आपके आंगन में तुलसी का पौधा लगा हुआ है और वह सूख गया है, तो उसे उखाड़ें नहीं, बल्कि उसका उपयोग करें. उसकी सूखी जड़ों को एक साफ लाल कपड़े में बांधकर अपने घर के मुख्य द्वार पर टांग दें. मान्यता है कि यह आपको बुरी नजर से बचाता है और नकारात्मक ऊर्जा को घर के अंदर प्रवेश नहीं करने देता.
जल अर्पित करें
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर थोड़ा-सा कच्चा दूध और जल अर्पित करें. यह मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे आसान और लाभकारी उपाय माना जाता है.
निर्जला एकादशी के दिन इन बातों का रखें ध्यान
व्रत न रख पाने पर क्या करें?
- निर्जला एकादशी का व्रत बिना जल और भोजन ग्रहण किए रखा जाता है.
- लेकिन यदि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से आप व्रत नहीं रख सकते हैं, तो इस दिन केवल सात्विक भोजन करें और धार्मिक नियमों का पालन करें.
तुलसी के पत्ते न तोड़ें
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ नहीं माना जाता है. अगर पूजा में तुलसी की आवश्यकता हो, तो पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें.
गुस्से और विवाद से दूर रहें
इस दिन मन को शांत रखें और घर में प्रेम व शांति का माहौल बनाए रखें. किसी से बहस, झगड़ा, कटु वचन बोलने या किसी का अपमान करने से बचें.
दान-पुण्य अवश्य करें
निर्जला एकादशी के दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार जल, फल, अन्न या वस्त्र का दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना शुभ फल प्रदान करता है.
