Sharad Purnima 2026: हिंदू पंचान के अनुसार, इस साल शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर दिन रविवार को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के साथ दिखाई देता है. इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की कामना क जाती है. साथ ही चंद्रदेव को अर्घ्य देना भी बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि अगर अर्घ्य के जल में कुछ खास चीजें मिलाकर चंद्रमा को अर्पित की जाएं, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाती है. आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा पर अर्घ्य के जल में कौन सी 5 चजें मिलानी चाहिए.
कच्चा दूध मिलाना होता है शुभ
- शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाना चाहिए.
- हिंदू धर्म में दूध को शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है.
- मान्यता है कि दूध मिला जल अर्पत करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है.
साबुत चावल
- अक्षत का मतलब होता है बिना टूटे हुए साबुत चावल.
- इसे पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
- शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा में अक्षत जरूर अर्पित करना चाहिए.
- धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.
सफेद फूल का विशेष महत्व
- सफेद रंग को शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है.
- इसलिए चंद्रदेव की पूजा में सफेद फूलों का बहुत महत्व है.
- शरद पूर्णिमा की रात जब आप चंद्रमा को अर्घ्य दें, तो जल में सफेद फूल डाल दें या अलग से अर्पित करें.
- मान्यता है कि इससे मन शांत रहता है और जीवन में अच्छे विचार आते हैं.
मिश्री या चीनी से आती है मिठास
- मिश्री और चीनी को मिठास का प्रतीक माना जाता है.
- शरद पूर्णिमा पर कई लोग अर्घ्य के जल में थोड़ी सी मिश्री मिलाते हैं.
- मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन मी सुख-शांति बनी रहती है और परिवार के रिश्तों में मधुरता आती है.
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गंगाजल से बढ़ता है पूजा का फल
- अगर संभव हो तो अर्घ्य के जल में थोड़ा सा गंगाजल भी मिला लें.
- गंगाजल को सबसे पवित्र माना जाता है.
- इसे मिलाने से अर्घ्य और भी शुद्ध हो जाता है और पूजा का महत्व बढ़ जाता है.
