Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज यानी 3 मार्च को लगने वाला है. इस बार की यह खगोलीय घटना अत्यंत खास मानी जा रही है. खगोल विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण की स्थिति तब बनती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. इस स्थिति में पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे सूर्य का प्रकाश सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इसी घटना को ही चंद्र ग्रहण कहा जाता है.
चंद्र ग्रहण के समय कौन से काम नहीं करना चाहिए?
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय कुछ कार्यों को करना पूरी तरह वर्जित माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए इस समय भोजन करने, सोने, नए कार्य की शुरुआत करने या मूर्तियों को स्पर्श करने की मनाही होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि वो कौन से काम हैं जिन्हें चंद्र ग्रहण के समय नहीं करना चाहिए साथ ही इसके पीछे की क्या वजह है.
चंद्र ग्रहण के समय क्यों नहीं सोना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय सोना वर्जित माना गया है क्योंकि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सामान्य से अधिक होता है, जिसका सीधा असर शरीर पर पड़ सकता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण की विशेष स्थिति मन और शरीर को गहराई से प्रभावित करती है, इसलिए इस दौरान जागते रहना चाहिए. यदि कोई व्यक्ति ग्रहण काल में सोता है तो वह नकारात्मक ऊर्जा के संपर्क में आ सकता है, जिससे उसके स्वास्थ्य, मानसिक शांति और शारीरिक ऊर्जा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसी कारण ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण की घटना के समय जागरण करने और शांत मन से ध्यान व योग करने की सलाह दी गई है.
चंद्र ग्रहण के समय खाना क्यों नहीं बनाना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय भोजन बनाना वर्जित माना गया है क्योंकि इस दौरान पकाया गया भोजन अशुद्ध हो जाता है. मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे भोजन की प्रकृति और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. इसी कारण ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण के दौरान खाना बनाना अशुभ माना गया है और इस समय को साधना व ध्यान के लिए अधिक उपयुक्त बताया गया है.
चंद्र ग्रहण शुभ मुहूर्त
- चंद्र ग्रहण की शुरूआत: 3 मार्च 2026, दोपहर 03:20 बजे.
- चंद्र ग्रहण का समापन: 3 मार्च 2026, शाम 06:47 बजे.
चंद्र ग्रहण 2026 का सूतक काल कब से शुरू है
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है. इस गणना के अनुसार, आज 3 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल की शुरुआत हो चुकी है. यह सूतक काल तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि चंद्र ग्रहण पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता. शाम को ग्रहण के समापन के साथ ही सूतक काल भी खत्म हो जाएगा, जिसके बाद आप स्नान, भोजन पकाने और सोने जैसे सभी सामान्य कार्य दोबारा से शुरू कर सकते हैं. ग्रहण की समाप्ति के पश्चात किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं रहती है.
