Chaitra Navratri 2026: आज चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन है. इस दिन को नवमी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियों और सफलताओं को प्रदान करने वाली देवी हैं. उनका स्वरूप बेहद शांत, सौम्य और दिव्य माना जाता है. श्रद्धा और विधि-विधान से उनकी आराधना करने पर भक्तों को सुख-समृद्धि, धन-वैभव और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है.
नवमी के दिन ऐसे करें मां सिद्धिदात्री की पूजा
- नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ वस्त्र पहनकर पूजा की शुरुआत की जाती है.
- घर के मंदिर या पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर गंगाजल से शुद्ध किया जाता है.
- मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर दीपक जलाया जाता है और उन्हें फूल अर्पित किए जाते हैं.
- सच्चे मन से मां का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप किया जाता है और अंत में आरती कर प्रसाद वितरित किया जाता है.
मां सिद्धिदात्री को लगाएं इन व्यंजनों का भोग
- इस दिन मां को तिल और मेवों से बने व्यंजनों का भोग लगाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. वहीं, बैंगनी रंग धारण करना भी शुभ संकेत माना गया है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक है.
पौराणिक कथा
- पौराणिक कथा के अनुसार जब असुरों का अत्याचार बढ़ गया था, तब देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से मां सिद्धिदात्री प्रकट हुईं और उन्होंने देवताओं को शक्तियां प्रदान कर बुराई का नाश किया. यह भी माना जाता है कि भगवान शिव ने मां की तपस्या कर उनसे कई दिव्य सिद्धियां प्राप्त की थीं.
मां सिद्धिदात्री के इन मंत्रों का करें जाप
मां सिद्धिदात्री मंत्र
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
बीज मंत्र
ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
(डिस्क्लेमर: यह खबर धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष शास्त्र और पंचांग आधारित जानकारी पर लिखी गई है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है. विस्तार न्यूज किसी भी ज्योतिषीय दावे की पुष्टि नहीं करता है.)
ये भी पढे़ं- Ram Navami 2026: रामनवमी पर बन रहा गजकेसरी संयोग! इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानिए आपके लिए क्या खास
