Asian Games 2026: जैवलिन थ्रों में एक बार फिर से भारत का जलवा देखने को मिला है. एशियन गेम्स 2026 में 28 सितंबर का दिन भारतीय एथलीटों के नाम रहा. जैवलिन थ्रों में भारत के 2 एथलीटों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. गौरतलब है कि भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा एंजरी की वजह से एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले रहे हैं. वह दो बार के एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट थे. इसके बाद भी पुरुष के भाला फेंक इवेंट में भारत ने दो मेडल जीत लिए हैं.
किसने जीता गोल्ड मेडल?
भारत के जैवलिन थ्रोअर 24 साल के यशवीर सिंह ने सिल्वर तो रोहित यादव ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीते. यशवीर का बेस्ट थ्रो 85.72 मीटर का रहा तो रोहित ने 84.35 मीटर का बेस्ट थ्रो किया. वहीं श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे इस साल शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. उन्होंने यह फॉर्म जारी रखते हुए एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता.
यशवीर सिंह का पर्सनल बेस्ट
आखिरी प्रायस में किया गया 85.72 मीटर का थ्रो यशवीर सिंह का पर्सनल बेस्ट है. उन्होंने पहले प्रयास में 83.56 मीटर का थ्रो किया था. दो राउंड तक वह पहले नंबर पर थे. तीसरे प्रयास में यूपी के रोहित यादव ने 84.35 मीटर का थ्रो करके पहले नंबर पर चले गए.
🇮🇳🇮🇳 TWO FLAGS. TWO MEDALS. ONE PROUD NATION. 🥈🥉 Yashvir Singh and Rohit Yadav lit up Nagoya with a DOUBLE PODIUM in the Men’s Javelin at #AsianGames2026 🎯🔥 🥈 YASHVIR SINGH: 85.72 m, a PERSONAL BEST 💥 His last three throws all went further: 84.31 ➡️ 85.14 ➡️ 85.72 He saved his biggest throw for the very last attempt 📈 🥉 ROHIT YADAV: 84.35 m Four throws beyond 82 m, and he led the field midway through the final 💪 🥇 Rumesh Pathirage 🇱🇰 88.55 🥈 YASHVIR SINGH 🇮🇳 85.72 PB 🥉 ROHIT YADAV 🇮🇳 84.35 Side by side, flags held high, and the javelin tradition carries on 🚀 The next generation of Indian javelin is here 👊 Take a bow, Yashvir and Rohit! 🙌🇮🇳 #TeamIndia #IndianAthletics #Nagoya2026 #Javelin
— Athletics Federation of India (@afiindia) September 28, 2026
रोहित यादव का 84.35 मीटर का थ्रो
वहीं, रोहित यादव ने भी 84.35 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. उनके अंतिम प्रयास को फाउल करार दिया गया, लेकिन इससे पहले दर्ज किया गया 84.35 मीटर का उनका प्रदर्शन उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए काफी था. इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में सिल्वर और ब्रॉन्ज, दोनों मेडल अपने नाम किए.
तीसरे नंबर से पहले पर कैसे आए रुमेश थरंगा पथिरागे
बता दें कि पहले तीन थ्रो के बाद श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे तीसरे नंबर पर चल रहे थे. लेकिन चौथे थ्रो में पथिरागे ने 88.33 मीटर का थ्रो करके पहला स्थान हासिल कर लिया. उन्होंने आखिरी थ्रो में 88.55 का थ्रो किया और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया.
यह भी पढ़ें: Asian Games 2026: भारतीय मेंस हॉकी टीम की सेमीफाइनल में एंट्री, जापान को 2-0 से रौंदा
