ICC Post Pregnency Guidelines: मां बनना अब महिला क्रिकेटरों के करियर पर ब्रेक नहीं लगाएगा. आईसीसी ने सोमवार को महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेग्नेंसी के बाद मैदान पर वापसी को आसान बनाने के लिए पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइलाइंस जारी की हैं, जिसमें बच्चे के जन्म के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षित और मजबूत वापसी के लिए 16 हफ्ते का खास प्लान तैयार किया गया.
ICC ने जारी की गाइलाइंस
दरअसल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने सोमवार 22 जून को प्रेग्नेंसी के बाद महिला खिलाड़ियों की मैदान पर वापसी को लेकर गाइलाइंस जारी की है. यह गाइलाइंस 6 चरणों वाले ‘6R’ मॉडल पर निर्भर है. जिसमें Ready, Review, Restore, Recondition, Return और Refine शामिल है. इस योजना के तहत महिला खिलाड़ियों को सीधे मैदान पर उतरने के बजाय धीरे-धीरे क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार किया जाएगा. शुरुआत में फिजिकल रिकवरी, मेंटल हेल्थ, मेडिकल टेस्ट और मां बनने के बाद नई लाइफ के साथ तालमेल पर खास ध्यान दिया जाएगा.
🚨 ICC launches 'Return to Play Post-Pregnancy Guidelines' for female cricketers
— Cricbuzz (@cricbuzz) June 22, 2026
The guidelines outline a framework for boards to support players through pregnancy, childbirth and their return to elite cricket#CricketTwitter pic.twitter.com/D9nRL59AVj
हर खिलाड़ी के लिए रखे जाएंगे केस मैनेजर
अपनी इस नई गाइलाइंस में आईसीसी ने हर खिलाड़ी की वापसी के लिए एक खास ‘केस मैनेजर’ रखने की बात कही है. बता दें, ये जिम्मेदारी डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट संभालेंगे, जो खिलाड़ी की रिकवरी से लेकर मैदान पर उनकी वापसी तक पूरी देखरेख करेगा.
जांच के बाद ही खिलाड़ियों को मिलेगी खेलने की मंजूरी
पहले चरण में खिलाड़ियों की फिजिकल और मेंटल स्थिति का आकलन किया जाएगा. इसके बाद धीरे-धीरे उनकी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू की जाएगी. करीब 8 हफ्ते बाद डॉक्टर या फिजियो की सलाह के बाद खिलाड़ी दौड़ना शुरू कर सकेगी. वहीं मांसपेशियों और पेल्विक फ्लोर से जुड़ी किसी भी समस्या की जांच के बाद ही खिलाड़ियों को खेलने की मंजूरी मिलेगी.
