Ambikapur News: छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ कहे जाने वाले मैनपाट में होम स्टे पॉलिसी को सफल बनाने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान बनाया है. इस पॉलिसी में अब स्थानीय लोगों को सीधे तौर पर जोड़ा जा रहा है. राज्य सराकर इस पॉलिसी के तहत मकान बनाने वालों को अनुदान दे रही है. एक कमरे का मकान बनाने के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में सरकार की तरफ से 1,00,000 रुपए अनुदान दिया जाएगा. इसके बाद लोग यहां पर आने वाले पर्यटकों को उन कमरों में ठहराएंगे और किराए की राशि लेकर आत्मनिर्भर बन पाएंगे.
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया प्लान
- छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि मैनपाट में पर्यटन को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को एक बड़ा प्लान बनाकर भेजा जा रहा है.
- उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द उस पर केंद्र सरकार की मोहर लग जाएगी और फिर काम शुरू होगा.
- उन्होंने बताया कि मैनपाट के लोगों को पर्यटन के माध्यम से रोजगार की सुविधा मिल सके इसके लिए लोगों को नए मकान बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
- इसके लिए प्रति कमरा सरकार की तरफ से एक लाख रुपये दिया भी जाएगा.
- यह राशि पूरी तरह अनुदान में दिया जाएगा.
- इसके बाद लोग उन कमरों में पर्यटकों को ठहरा कर स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे.
प्राकृतिक वातावरण को बचाने के लिए सरकार के प्रयास
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि मैनपाट के प्राकृतिक वातावरण को बचाने के लिए भी सरकार पूरी तरीके से प्रतिबद्ध है. यहां नदियों पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए भी काम किया जा रहा है और नदियों पर छोटे-छोटे स्टाफ डैम का निर्माण कराया जा रहा है ताकि पानी नदियों में हमेशा बनी रहे.
बता दें कि मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को बढ़ावा और गति देने के लिए हाल ही में प्रदेश सरकार ने जरूरी कदम उठाया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में मैनपाट में 12 एकड़ जमीन अटल विहार योजना के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की है.
