Russian oil tanker to India: ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. लेकिन इस जंग के बीच महीनों से समुद्र में भटक रहे रूस के तेल जहाजों ने भारत की तरफ बढ़ रहे हैं. बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ये संकेत है कि भारत एक बार फिर तेल खरीदने के लिए रूस का रुख कर रहा है.
14 लाख बैरल कच्चा तेल भारतीय बंदरगाहों पर उतरेगा!
जानकारी के मुताबिक करीब 14 लाख बैरल कच्चा रूसी तेल दो टैंकर जहाज में कई महीनों से समुद्र में अपने खरीदार के लिए भटक रहा था. ईरान पर हमले के बाद मध्य पूर्व एशिया में बिगड़े हालात के बाद ये दोनों रूसी तेल टैंकर जहाज भारत की ओर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि दोनों रूसी जहाज के जरिए लगभग 14 लाख बैरल कच्चा तेल भारतीय बंदरगाह पर उतरेगा. हालांकि इसके पहले इन जहाजों के पूर्वी एशिया में जाने की जानकारी थी.
ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंचा टैंकर
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक दो टैंकर भारत के बंदरगाह पहुंचेंगे. इनमें 730,000 बैरल तेल ले जा रहा सूएजमैक्स टैंकर ‘ओड्यून ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंच चुका है. जबकि 700,000 बैरल तेल ले जा रहा अफ्रामैक्स टैंकर ‘मतारी’ गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचने वाला है. हालांकि पारादीप बंदरगाह पर पहुंचे टैंकर ने अभी तक तेल उतारा है या नहीं, इसको लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.
अमेरिकी प्रतिबंध के बाद रूस से तेल खरीद में की थी कटौती
भारत रूसी तेल का बड़ा खरीदार रहा है. प्रतिबंधों के कारण रूस अब तक भारत को काफी किफायती दरों पर तेल बेचता था. लेकिन अमेरिकी प्रतिबंध के कारण भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदने में बड़ी कटौती की थी. जिसके बाद रूसी कंपनियों ने चीन का रुख किया था.
अब भारत एक बार फिर से रूस से तेल खरीद सकता है. इसका बड़ा कारण मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण ईरान का होर्मुज खाड़ी को बंद करना है. रूसी तेल जहाजों को भारतीय बंदरगाहों में पहुंचने को भारत के रूसी तेल को खरीदना का संकेत माना जा रहा है.
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