Dating App Scam: स्मार्टफोन के दौर में दोस्ती और रिश्तों की तलाश अब स्क्रीन पर सिमट गई है. टिंडर (Tinder), बम्बल (Bumble), ट्रूलीमैडली (TrulyMadly) जैसे डेटिंग ऐप्स पर हर दिन हजारों युवा नए कनेक्शन बना रहे हैं, लेकिन इसी डिजिटल दुनिया में साइबर अपराधियों ने भी अपने जाल बिछा दिए हैं. ‘लव’, ‘फ्रेंडशिप’ और ‘रिलेशनशिप’ के नाम पर ठगी, हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हालात को देखते हुए साइबर पुलिस ने कड़ी एडवाइजरी जारी की है.
साइबर अपराधी अपनी जाल में कैसे फंसाते हैं?
साइबर अपराधी आकर्षक फोटो और प्रभावशाली प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं. शुरुआती बातचीत में विश्वास जीतने के बाद वे निजी जानकारी हासिल करते हैं. कई मामलों में वीडियो कॉल के दौरान रिकॉर्डिंग कर ली जाती है और बाद में उसे एडिट या डीपफेक बनाकर ब्लैकमेल किया जाता है. पीड़ित से पैसे की मांग की जाती है, नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश पीड़ित भावनात्मक दबाव में आकर शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है. कई मामलों में लाखों रुपये की ठगी सामने आई है.
कैसे काम करता है गिरोह?
- फर्जी फोटो और नाम से प्रोफाइल बनाना.
- जल्दी भावनात्मक जुड़ाव दिखाना.
- व्हाट्सएप या निजी चैट पर ले जाना.
- वीडियो कॉल या निजी फोटो की मांग करना.
- रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल और पैसे की उगाही.
साइबर पुलिस ने क्या सलाह दी?
- फर्जी प्रोफाइल से सावधान रहें: किसी की तस्वीर या बायो देखकर भरोसा न करें.
- निजी जानकारी साझा न करें: मोबाइल नंबर, पता, ऑफिस डिटेल, बैंक जानकारी या OTP कभी न दें.
- वीडियो कॉल में सतर्कता: अजनबी के साथ वीडियो कॉल करते समय कैमरा एंगल और बैकग्राउंड का ध्यान रखें, संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत कॉल काट दें.
- अश्लील सामग्री न भेजें: निजी फोटो या वीडियो भेजना सबसे बड़ा जोखिम है.
- मुलाकात के लिए सुरक्षित स्थान चुनें: यदि मिलना जरूरी हो तो भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर ही मिलें और किसी करीबी को जानकारी दें.
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शिकार हो जाएं तो क्या करें?
यदि आप ठगी या ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते हैं तो घबराएं नहीं. तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं. राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें. समय पर की गई शिकायत से रकम फ्रीज कराने और अपराधियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है.
