Google Chrome AI feature: अब वेबसाइट पर टिकट बुकिंग जैसे काम और भी आसान होने वाले हैं. Google Chrome एक नया फीचर ला रहा है, जिसमें ब्राउज़र खुद फॉर्म भरने, सीट चुनने और जरूरी स्टेप्स पूरे करने में मदद करेगा. ठीक Perplexity के Comet ब्राउज़र की तरह इसमें भी स्मार्ट Assistant होगा, जो आपके निर्देश पर काम करेगा. इससे आपका समय बचेगा और वेब ब्राउज़िंग पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी.
एजेंटिक ब्राउज़र ‘ATLAS’ कैसे काम करता है?
Perplexity के अलावा, OpenAI का एजेंटिक ब्राउजर ‘ATLAS’ भी काफी चर्चा में है. यह फिलहाल एक एक्सपेरिमेंटल ब्राउज़र है, लेकिन इसकी खासियत यही है कि यह भी एजेंटिक टेक्नोलॉजी पर काम करता है. इसमें यूज़र को बस अपना काम कमांड के रूप में बताना होता है, इसके बाद ब्राउज़र खुद ही इंटरनेट पर ब्राउज़ करके जरूरी स्टेप्स पूरा करता है और कई काम अपने-आप कर देता है.
क्या सिर्फ बोलने पर क्रोम करेगा पूरा काम?
- एजेंटिक वेब ब्राउजर का दौर अब शुरू होने वाला है और Google इस मुकाबले में पीछे नहीं रहना चाहता है.
- इसी वजह से Google ने अपने Chrome ब्राउजर में Gemini AI को जोड़ना शुरू कर दिया है.
- जैसे-जैसे यह फीचर पूरी तरह रोल-आउट होगा, Chrome एक एजेंटिक ब्राउज़र की तरह काम करने लगेगा.
- इसका मतलब यह है कि Chrome सिर्फ वेबसाइट खोलने तक सीमित नहीं रहेगा.
- बल्कि यह एक स्मार्ट डिजिटल असिस्टेंट बन जाएगा, जो आपकी ओर से वेब पर कई काम खुद कर सकेगा.
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क्या AI अपने आप काम करेगा?
- Google के अनुसार, AI फीचर तभी एक्टिव होगा जब यूज़र इसकी साफ तौर पर अनुमति देगा.
- बिना इजाजत न तो कोई फॉर्म भरा जाएगा और न ही कोई पेमेंट किया जाएगा.
- हर जरूरी कदम पर पूरा कंट्रोल यूज़र के हाथ में ही रहेगा.
- कंपनी का दावा है कि सारा डेटा ब्राउज़र के अंदर ही प्रोसेस होगा.
- आपकी निजी जानकारी बिना अनुमति किसी के साथ शेयर नहीं की जाएगी.
- फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग स्टेज में है.
- अभी इसे कुछ चुनिंदा यूज़र्स के लिए ही धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है.
- आने वाले महीनों में ज्यादा Chrome यूज़र्स को इसका इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा.
