6G की रफ्तार देख उड़ जाएंगे होश! पलक झपकते ही डाउनलोड होगी 4K फिल्म, जानिए कब होगा लॉन्च

6G: 6G तकनीक लगभग 2030 तक आ सकती है, जो सिर्फ इंटरनेट की रफ्तार बढ़ाने तक सीमित नहीं होगी. इसका असली मकसद डिजिटल और असली दुनिया को एक-दूसरे के करीब लाना है. जहां 5G का काम मशीनों को आपस में जोड़ना था, वहीं 6G इसे और स्मार्ट बनाएगा.
6G Network

6G नेटवर्क

6G: हर 10 साल में मोबाइल तकनीक बदल जाती है. साल 2019 में 5G आया, जिससे उम्मीद थी कि शहर स्मार्ट बनेंगे और बिना ड्राइवर की कारें चलेंगी पर अभी ये बातें हर जगह मुमकिन नहीं हो पाई हैं. अब सबकी नज़रें 6G पर हैं. ऐसे में यह सोचना बनता है कि जब 5G के वादे पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरे, तो 6G आखिर क्या बड़ा बदलाव लाएगा.

6G क्या है और कब लॉन्च होगा?

6G तकनीक लगभग 2030 तक आ सकती है, जो सिर्फ इंटरनेट की रफ्तार बढ़ाने तक सीमित नहीं होगी. इसका असली मकसद डिजिटल और असली दुनिया को एक-दूसरे के करीब लाना है. जहां 5G का काम मशीनों को आपस में जोड़ना था, वहीं 6G इसे और स्मार्ट बनाएगा. यह एक ऐसा बुद्धिमान नेटवर्क होगा जो खुद से चीजें समझ सकेगा, सीख सकेगा और ज़रूरत पड़ने पर फैसले भी ले पाएगा.

6G की खासियत क्या होगी?

6G को “AI-नेटिव” नेटवर्क कहा जा रहा है, जिसका मतलब है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शुरुआत से ही जुड़ा होगा. यह नेटवर्क सिर्फ डेटा भेजने का काम नहीं करेगा, बल्कि अपने आस-पास के माहौल को समझकर खुद में बदलाव भी कर सकेगा. साथ ही 6G में ‘टेराहर्ट्ज़’ (THz) फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल होगा, जिससे डेटा भेजने की क्षमता पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ जाएगी.

स्पीड और परफॉर्मेंस में कितना बदलाव होगा?

6G की इंटरनेट स्पीड 1 Tbps (टेराबिट प्रति सेकंड) तक पहुंच सकती है, जो 5G से करीब 50 से 100 गुना ज्यादा तेज़ होगी. इसका मतलब है कि बहुत बड़ा डेटा भी पलक झपकते ही डाउनलोड हो जाएगा. साथ ही इसका रिस्पॉन्स टाइम 0.1 मिलीसेकंड से भी कम होगा, जिससे मशीनें बिना किसी देरी के तुरंत काम करेंगी. इस जबरदस्त तालमेल से रिमोट सर्जरी, ऑटोमैटिक फैक्ट्रियों और बिना ड्राइवर वाली कारों का चलना और भी सटीक और सुरक्षित हो जाएगा.

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क्या 6G हर जगह पहुंचेगा?

6G का मकसद सिर्फ शहरों तक ही सीमित नहीं रहना है. यह सैटेलाइट तकनीक की मदद से पहाड़ों, समुद्रों और दूर-दराज के इलाकों में भी तेज इंटरनेट पहुंचाने की ताकत रखेगा. हालांकि 6G पर अभी काम चल रहा है, लेकिन यह तय है कि यह सिर्फ इंटरनेट की रफ्तार बढ़ाने वाला अपग्रेड नहीं होगा. यह एक ऐसी नई दुनिया की शुरुआत करेगा जहां इंसान, मशीनें और सारा सिस्टम एक बेहद स्मार्ट नेटवर्क के ज़रिए आपस में जुड़े होंगे.

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