Train Seat Change Penalty: ट्रेन में सफर के दौरान परिवार या दोस्तों के साथ बैठने के लिए सीट बदलना आम बात है. कई यात्री कोच में कोई सीट खाली देखकर वहां जाकर बैठ जाते हैं. लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता. रेलवे के नियमों के अनुसार, बिना अनुमति किसी दूसरे यात्री की रिजर्व सीट पर बैठना परेशानी खड़ी कर सकता है. इसलिए सीट बदलने से पहले रेलवे के नियमों को जानना जरूरी है.
बिना पूछे दूसरी सीट पर बैठना पड़ सकता है महंगा
अगर आपकी नजर किसी खाली लोअर बर्थ पर पड़ती है और आप सुविधा के लिए वहां जाकर बैठ जाते हैं, तो यह नियमों के खिलाफ हो सकता है. रिजर्व सीट पर उसी यात्री का अधिकार होता है, जिसके नाम पर टिकट जारी हुआ है. भले ही वह यात्री अभी ट्रेन में न आया हो या सीट कुछ समय के लिए खाली दिखाई दे रही हो आप अपनी मर्जी से उस सीट पर कब्जा नहीं कर सकते.
खाली सीट देखकर तुरंत न बैठें
किसी यात्री के देर से ट्रेन में चढ़ने या किसी स्टेशन से बाद में आने की स्थिति में उसकी सीट खाली नजर आ सकती है. इसका मतलब यह नहीं है कि वह सीट खाली हो गई है. ऐसी सीट पर बिना अनुमति बैठने पर टिकट चेकिंग स्टाफ आपसे पूछताछ कर सकता है और नियमों के अनुसार कार्रवाई भी हो सकती है.
सीट बदलनी हो तो TTE से करें बात
अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, बुजुर्ग यात्री के लिए लोअर बर्थ चाहिए या आप अपने परिवार के सदस्यों के पास बैठना चाहते हैं, तो खुद से सीट बदलने के बजाय ट्रेन में मौजूद TTE से बात करें. अपनी परेशानी बताने पर TTE उपलब्ध सीटों और नियमों के आधार पर आपकी मदद कर सकता है.
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नियमों का पालन करके बचें परेशानी से
ट्रेन में सफर करते समय अपनी सुविधा के लिए सीट बदलना हो या किसी दूसरे यात्री की सीट इस्तेमाल करनी हो, तो बिना पर्मिशन ऐसा न करें. पहले TTE से बात करें और उनकी अनुमति मिलने के बाद ही सीट बदलें. इसी तरह अपना टिकट किसी दूसरे व्यक्ति को देने से पहले रेलवे के नियमों का पालन करें. इससे सफर के दौरान जुर्माने, विवाद और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है.
