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अब गाड़ियां आपस में करेंगी बात, V2V सिस्टम से सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, जानें कैसे यह करता है काम

V2V system

V2V सिस्टम कैसे काम करता है

Vehicles Exchange Real Time Warnings: देश में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए केंद्र सरकार नई तकनीक लागू करने की तैयारी कर रही है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने व्हकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव रखा है. इस तकनीक के जरिए सड़क पर चल रहे वाहन एक-दूसरे को जरूरी जानकारी भेज सकेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि यह सिस्टम कैसे काम करता है.

क्या है V2V कम्युनिकेशन सिस्टम?

V2V यानी व्हीकल-टू-व्हीकल कम्युनिकेशन ऐसी आधुनिक सिस्टम है, जिसमें आसपास चल रही गाड़ियां आपस में सीधे जानकारी शेयर करती हैं.

यह सिस्टम गाड़ी की स्पीड, दिशा, लोकेशन और ब्रेक लगाने जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दूसरे वाहनों तक तुरंत पहुंचाता है, ताकि ड्राइवर समय रहते सतर्क हो सके.

कैसे करेगा काम?

अगर आपके आगे चल रही कार अचानक ब्रेक लगा देती है, तो V2V सिस्टम आपके वाहन को तुरंत अलर्ट भेज देगा. इससे आपको पहले ही खतरे का संकेत मिल जाएगा और आप समय पर ब्रेक लगा सकेंगे. यही नहीं अगर कोई गाड़ी अचनक लेन बदलता है, ब्लाइंड स्पॉट में कोई गाड़ी मौजूद होती है या पास से एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ी गुजर रही होती है, तब भी यह सिस्टम पहले से चेतावनी देगी.

हादसे कम करने में मिलेगी मदद

सरकार का मानना है कि देश में होने वाले ज्यादातर सड़क हादसे ड्राइवर की छोटी-छोटी गलतियों की वजह से होते हैं. V2V सिस्टम समय रहते खतरे की जानकारी देकर इन दुर्घटनाओं को कम करने में मदद कर सकता है. आने वाल समय में स सिस्टम को ऑटोमैटिक ब्रेकिंग और ADAS जैसी स्मार्ट सेफ्टी सुविधाओं के साथ भी जोड़ा जा सकता है.

कब से लागू होंगे नए नियम?

परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव का प्रस्ताव दिया है. इसके तहत 1 अक्टूबर 2027 या उसके बाद बनने वाले L, M और N कैटेगारी के जिन वाहनों में V2V सिस्टम लगाया जाएगाउन्हें AIS-230 नियमो का पालन करना होगा. वहीं 1 अक्टूबर 2028 से इन कैटेगरी के सभी नए गाड़ियों में AIS-230 के अनुसार V2V सिस्टम लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है.

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