Ram Lalla Idol Controversy: राम मंदिर अयोध्या में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के दिए गए बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है. उनके खिलाफ संत आशुतोष ब्रह्मचारी ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने शिकायत में बताया कि हनुमानगढ़ी को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ऐसा बयान दिया, जिससे धार्मिक विवाद पैदा होने की संभावना है. जानें क्या हुई शिकायत.
संत आशुतोष ब्रह्मचारी ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वंय को ज्योतिर्मठ और बदरिकाश्राम का शंकराचार्य बताकर प्रशासन से सरकारी प्रोटोकॉल प्राप्त किया है. शंकराचार्य पद को लेकर विवाद न्यायालय में विचाराधीन है. किस आधार पर उन्हें सरकारी प्रोटोकॉल उपलब्ध कराया गया है.
करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाएं हुई आहत
संत आशुतोष ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा चलाए जा रहे अभियान गोमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि उनके अभियानों, भाषणों और प्रचार सामग्री की भी जांच कराई जानी चाहिए. अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर रामलला की प्रतिमा को लेकर ‘काला पत्थर’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.
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राम जन्मभूमि थाना पुलिस से हुई शिकायत
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर संत आशुतोष ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या यात्रा के दौरान संस्कृत गुरुकुलों के कुछ नाबालिग बटुकों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल किया गया, जिसकी वजह से शिक्षा, सुरक्षा और वैधानिक अधिकारों के उल्लंघन की संभावना है. इसकी शिकायत राम जन्मभूमि थाना पुलिस से की गई है. पुलिस का कहना है कि सबूतों के आधार पर जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.
