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‘चुनाव जीतना है, अखिलेश को मुख्यमंत्री…’, राम गोविंद चौधरी ने बताई थी अंतिम ख्वाहिश

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राम गोविंद चौधरी और अखिलेश यादव

UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और 8 बार के विधायक राम गोविंद चौधरी ने शुक्रवार (25 सितंबर) को अंतिम सांस ली. वे लखनऊ के पीजीआई में भर्ती थे. कुछ महीनों पहले उनकी तबीयत बिगड़ी थी, तब उनसे मिलने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पहुंचे थे. इस दौरान बेड पर लेटे हुए चौधरी ने अन्य नेताओं से कहा था कि चुनाव जीतना है, अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाना है. अब इसका वीडियो वायरल हो रहा है.

जेपी आंदोलन से विधानसभा की राह

राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक करियर बहुत लंबा रहा है. साल 1972 में टाउन कॉलेज के महामंत्री बने. इसके बाद साल 1974 में वे इसी कॉलेज के अध्यक्ष निर्वाचित हुए. आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष की राह चुनी और जेपी आंदोलन से जुड़ गए. इसी दौरान वे जनपद छात्र युवा वाहिनी के सह संयोजक बने. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम घोषित किया था. आंदोलन के दौरान उनकी गिरफ्तारी कॉलेज के परिसर से हुई. इसके बाद वे लगभग 24 महीने वे बलिया जेल में रहे.

चिलकहर से चुनाव लड़ा और जीते

चिलकहर विधानसभा से राम गोविंद चौधरी ने साल 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते. इसके बाद उन्होंने इस क्षेत्र से पांच बार चुनाव जीता. मुलायम सिंह यादव की कैबिनेट में राम गोविंद ने खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान विभाग की जिम्मेदारी संभाली. साल 2000 में वे समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने. साल 2002 में सपा ने उन्हें बांसडीह से अपना प्रत्याशी बनाया. उस समय उन्होंने कैबिनेट मंत्री रहे बच्चा पाठक को इस चुनाव में 6000 वोटों से हरा दिया. इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने साल 2004 में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की जिम्मेदारी दी.

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2017 में बने नेता प्रतिपक्ष

साल 2007 में राम गोविंद चौधरी को 264 वोटों से हार झेलनी पड़ी. 2012 में चुनाव जीतकर वे फिर विधानसभा पहुंचे. अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्होंने बेसिक शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग और कल्याण और पंचायती राज जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली. साल 2017 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार केतकी सिंह को 1655 वोटों से हरा दिया. इसके बाद उन्हें नेता प्रतिपक्ष का जिम्मा सौंपा गया.

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