UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आजमगढ़ चर्चा के केंद्र में आ गया है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि जिस आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी अपना मजबूत गढ़ बताती है, वहीं से समय-समय पर आतंकवाद से जुड़े मामलों में संदिग्धों की गिरफ्तारी होती रही है. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सीधे समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा है.
राजभर ने कहा कि किसी क्षेत्र को केवल राजनीतिक ताकत के आधार पर नहीं, बल्कि वहां की छवि और विकास के आधार पर पहचाना जाना चाहिए. उनका आरोप है कि सपा ने वर्षों तक आजमगढ़ को अपनी राजनीतिक प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन क्षेत्र की नकारात्मक छवि बदलने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए.
पूर जिले की छवि होती है खराब-राजभर
अपने बयान में राजभर ने यह भी कहा कि आजमगढ़ के अधिकांश लोग देशभक्त और कानून का सम्मान करने वाले हैं, लेकिन जब भी आतंकवाद से जुड़े मामलों में कुछ लोगों के नाम सामने आते हैं तो पूरे जिले की छवि प्रभावित होती है. उन्होंने विपक्षी दलों पर ऐसे मामलों में राजनीति करने का आरोप लगाया है.
पहले भी कई मामलो में सामने आ चुका नाम
गौरतलब है कि आजमगढ़ का नाम अतीत में कई बड़े आतंकी मामलों की जांच के दौरान सामने आया था. सुरक्षा एजेंसियों ने विभिन्न मामलों में यहां के कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया था, जिसके बाद यह जिला लंबे समय तक राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना रहा है.
राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है. माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा गठबंधन और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है.
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