UP Assembly elections 2027: उत्तर प्रदेश में अगले कुछ महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. हालांकि यह आसान नजर नहीं आ रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों के बीच सीट बंटवारा किसी भी तरह आसान नहीं माना जा रहा है. इन सब के बीच अब कांग्रेस पार्टी ने सपा को 172 विधानसभा सीटों की सूची सौंपी है. इनमें कुछ सीटें ऐसी हैं, जिन पर कांग्रेस किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहती.
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीटों को अपनी चुनावी तैयारी और जीत की संभावनाओं के आधार पर चार कैटेगरी में बांटा है. इनमें A, B, C और D कैटेगरी शामिल हैं. A कैटेगरी में उन सीटों को रखा गया है, जहां पार्टी खुद को मजबूत मानती है और अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है. इन सीटों पर कांग्रेस समझौते के पक्ष में नहीं है.
इन सीटों पर हो सकती है बदलाव की गुंजाइश
B कैटेगरी की सीटों पर जरूरत के हिसाब से बदलाव की गुंजाइश रखी गई है. C और D कैटेगरी में शामिल सीटों को लेकर पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत में लचीला रुख अपना सकती है. यानी कांग्रेस सभी सीटों पर एक जैसी मांग रखने के बजाय अपनी ताकत के हिसाब से समझौते की रणनीति बना रही है.
प्रियंका की बैठकों के बाद तैयार हुई सूची
रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा की अध्यक्षता में हुई तीन बैठकों के बाद 172 सीटों की सूची तैयार की है. इन बैठकों में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी हिस्सा लिया. पार्टी की कोशिश है कि सीटों का बंटवारा केवल संख्या के आधार पर न हो, बल्कि स्थानीय संगठन, उम्मीदवारों की स्थिति और जीतने की संभावना को भी महत्व मिले.
अखिलेश यादव के सामने क्या चुनौती है?
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने उत्तर प्रदेश की 37 और कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी. दोनों दलों ने मिलकर 43 सीटें जीती थीं. इस प्रदर्शन ने गठबंधन को मजबूती दी. लेकिन, विधानसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा एक बड़ी चुनौती बन सकता है. खास बात यह है कि सीट बंटवारे को लेकर आपसी सहमति बनाना अखिलेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है.
ये भी पढ़ें:‘इस्लाम कुबूल करूंगा…’, MLC वोटिंग के बीच खूब रोए सपा प्रत्याशी, बोले- क्या मैं PAK का आतंकी हूं
