UP MLA Political Test: उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी कि 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले ही तमाम राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुट चुके हैं. यही वजह है कि विधानसभा चुनाव से पहले सियासत लगातार गर्म हो रही है. अगले कुछ दिनों बाद होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव राजनीतिक दलों के लिए सिर्फ सीटों का गणित नहीं होंगे. बल्कि विधायकों की निष्ठा और संगठन की पकड़ को जांचने का मौका भी है.
अक्टूबर में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है, जबकि जनवरी में विधान परिषद की 10 सीटें खाली होंगी. इससे पहले सभी राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों और नेताओं की लोयलटी टेस्ट करने जा रही है.
क्या है यूपी में बीजेपी की मौजूदा हालत?
राज्यसभा चुनाव में मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की स्थिति काफी मजबूत है. बीजेपी के पास अपने 255 विधायक हैं, जबकि सहयोगी दलों और अन्य समर्थक विधायकों को मिलाकर उसका आंकड़ा करीब 293 तक पहुंचता है. इस संख्या के आधार पर बीजेपी सात सीटों पर अपनी स्थिति सुरक्षित कर सकती है, लेकिन अतिरिक्त सीट के लिए उसे दूसरे विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी.
सपा भी लगाएगी पूरा दम
समाजवादी पार्टी के पास 101 विधायक हैं. इससे दो राज्यसभा सीटों पर उसकी दावेदारी मजबूत है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे. कांग्रेस के दो विधायकों समेत दूसरे संभावित सहयोगियों पर भी उसकी नजर रहेगी. ऐसे में क्रॉस वोटिंग का मुद्दा चुनाव के दौरान अहम हो सकता है.
दरअसल, 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी सपा के कुछ विधायकों के बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने से चुनावी गणित बदल गया था. यही वजह है कि इस बार भी दोनों प्रमुख दल अपने-अपने विधायकों और सहयोगी दलों के रुख पर खास नजर रखेंगे.
किन नेताओं पर रहेगी पाटी की खास नजर
इन चुनावों में जिन विधायकों को टिकट कटने की आशंका होगी या जिनके राजनीतिक समीकरण बदल रहे होंगे, उनके रुख पर भी निगाहें रहेंगी. ऐसे में राज्यसभा और MLC चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की सियासत में कई संकेत दे सकते हैं.
