उत्तर प्रदेश में BJP को बड़ा झटका! 6 महीने में 10 सीटों का नुकसान, INDI गठबंधन आगे

UP Politics: उत्तर प्रदेश के ताजा सर्वे में बीजेपी को नुकसान होता द‍िखाई दे रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और इंड‍िया गठबंधन के लिए खुशखबरी नजर आ रही है.
अखिलेश यादव और सीएम योगी

अखिलेश यादव और सीएम योगी

UP Politics:  उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. कुल मिलाकर अगले 6 महीने बाद प्रदेश की जनता एक बार फ‍िर खुद सरकार का चयन करेगी. यही वजह है कि तमाम राजनीतिक दल मैदान में उतर चुके हैं. जनता को अपने पाले में लाने के लिए तरह-तरह के वादे करते नजर आ रहे हैं. इन सब के बीच जनता के मन की बात जानने के लिए एक सर्वे किया गया है, कि वो अब प्रदेश में किसकी सरकार चाहते हैं. सर्वे ने हर किसी को चौंका दिया है.

इंडिया टुडे-सी वोटर के ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की खुशी बढ़ने वाली है, तो मौजूदा सरकार के माथे पर टेंशन की लकीरें खिंचती नजर आ रही हैं. खास बात यह है कि लोकसभा चुनाव के बाद यूपी में बीजेपी का प्रदर्शन सही नहीं हुआ है. बल्कि पहले से खराब हो गया है.

ऐसा कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है. यही वजह है कि इस सर्वे ने सबकी टेंशन बढ़ा दी है. भले ही चुनाव में अभी समय है.

नए सर्वे में क्‍या-क्‍या है?

नए सर्वे के आंकड़े भाजपा के लिए राहत और चिंता दोनों लेकर आए हैं. सर्वे में भाजपा को 34 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले एक सीट ज्यादा है. हालांकि, असली चिंता जनवरी में आए सर्वे से तुलना करने पर सामने आती है. उस समय भाजपा को यूपी में 44 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था. यानी महज छह महीने के भीतर पार्टी की संभावित सीटों में करीब 10 सीटों की गिरावट दिखाई दे रही है.

सर्वे में एनडीए के सहयोगियों को चार सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. इसके बावजूद गठबंधन यूपी की आधी यानी 40 सीटों के आंकड़े को पार करता नजर नहीं आ रहा है. वहीं दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत नजर आ रही है. सर्वे के मुताबिक गठबंधन को 41 सीटें मिल सकती हैं.

कैसा था पिछले लोकसभा चुनाव का नतीजा?

सी-वोटर के ताजा सर्वे में यह अनुमान लगाने की कोशिश की गई है कि अगर इस समय लोकसभा चुनाव कराए जाएं तो उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तस्वीर कैसी हो सकती है. पिछले लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों में से समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं. वहीं भाजपा के खाते में 33 सीटें आई थीं और उसके सहयोगियों को 3 सीटों पर सफलता मिली थी. अपना दल को एक और राष्ट्रीय लोकदल को दो सीटें मिली थीं, जबकि एक सीट आजाद समाज पार्टी के नाम रही थी.

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