RO-ARO Exam: आरओ-एआरओ पेपर में गड़बड़ी की शिकायतों की होगी जांच, सरकार ने दिया आदेश

RO-ARO Exam: अभ्यर्थी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के गेट के सामने अध्यक्ष संजय श्रीनेत्र से मिलने की मांग भी करते रहे.
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आरओ-एआरओ पेपर में गड़बड़ी की शिकायतों की होगी जांच, सरकार ने दिया आदेश

RO-ARO Exam: पेपर लीक के चलते यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा रद्द करने के बाद योगी सरकार ने समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी(RO-ARO) भर्ती परीक्षा को लेकर भी आज बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर आयोजित की गई RO-ARO अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2023 के पेपर गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतों की जांच शासन स्तर पर की कराई जाएगी. यूपी सरकार के कार्मिक विभाग ने नोटिस जारी कर इस बात की सूचना दी है. वहीं योगी सरकार की ओर से कहा गया है कि अभ्यर्थी परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत और सबूतों के साथ विभाग की ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं. बताते चलें कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से सबूत मांगे गए थे.

11 फरवरी को आयोजित हुई थी परीक्षा

शनिवार, 24 फरवरी को योगी सरकार की ओर से जारी नोटिस में कहा, ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 11 फरवरी को आयोजित की गई RO-ARO परीक्षा 2023 के संबंध में शासन को संज्ञान में लाए गए तथ्यों और शिकायतों के मद्देनजर परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है कि परीक्षा के संबंध में प्राप्त शिकायतों का शासन स्तर पर परीक्षण किया जाए.’ नोटिस में आगे लिखा गया कि इस परीक्षा के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत या इसकी शुचिता को प्रभावित करने वाले तथ्यों को संज्ञान में लाना चाहे तो वह अपना नाम- पता और साक्ष्यों सहित कार्मियों तथा नियुक्ति विभाग के ईमेल आईडी [email protected] पर 27 फरवरी तक भेज सकते हैं.

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कई दिनों से जारी है प्रदर्शन

बताते चलें कि यूपीपीएससी RO-ARO भर्ती परीक्षा-2023 में अभ्यर्थियों ने पेपर में गड़बड़ी का आरोप लगाया और बीते कई दिनों से प्रदर्शन भी कर रहे थे. गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ता जा रहा था. वहीं शुक्रवार को देर रात उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के गेट के सामने अध्यक्ष संजय श्रीनेत्र से मिलने की मांग भी करते रहे. इस दौरान अभ्यर्थियों ने आयोग के सभी गेट बंद कर दिए थे. उस समय आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत्र समेत आयोग के सदस्यों और सभी अधिकारी-कर्मचारी दफ्तर के अंदर मौजूद थे. बता दें कि अभ्यर्थी परीक्षा निरस्त करने और पुनर्परीक्षा कराने की मांग पर अड़े थे.

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