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क्‍या है नासा का आर्टेमिस-II मिशन? 50 साल बाद क्यों हो रही चांद पर पहुंचने की तैयारी, जानें सबकुछ

artemis 2 mission

'आर्टेमिस-2' मिशन लॉन्च

Artemis II launch: अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने आज 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च किया. इस मिशन की लॉन्चिंग फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से हुई है. नासा का यह बेहद खास है ऐसा इसलिए क्योंकि 1972 के बाद पहली बार इंसान चांद के करीब पहुंचेंगे. इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. चारों यात्री स्पेसक्राफ्ट से चांद के चारों तरफ चक्कर लगाकर धरती पर लौटेंगे. नासा का यह मिशल कुल दिनों का है.

नासा का आर्टेमिस-2 मिशन इसल‍िए भी बेहद खास है कि लगभग 54 सालों के बाद इंसान को चांद के पास ले जाने वाला पहला ह्यूमन मिशन है. इस तरह का मिशन साल 1972 में अपोलो-17 के जरिए किया गया था. हालांकि आर्टेमिस-2 मिशन चांद पर उतरने वाला मिशन नही है. मतलब यह कि यात्री चांद के आसपास चक्कर लगाएंगे. वे चाद पर उतरेंगे नहीं.

क्यों शुरू किया गया आर्टेमिस-2 मिशन

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने 50 साल पहले अपोलो कार्यक्रम की शुरुआत की थी. इस मिशन के तहत जीन सेर्नन, हैरिसन श्मिट और रॉन इवांस चंद्रमा पर पहुंचे थे. इस मिशन के दौरान वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर सबसे ज्‍याा 75 घंटे समय बिताया था. इसके साथ ही 115 किलोग्राम नमूने भी वैज्ञानिकों ने एकत्रित किए थे. इस मिशन को 54 साल का समय हो चुका है. उसके बाद अब तक कोई भी चंद्रमा पर  नहीं गया है.  

अमेरिका ने अपोलो मिशन के बाद चंद्रमा पर जाने का कार्यक्रम रोक दिया था. ऐसा कहा जाता है कि अमेरिका ने राजनीतिक और बजट के कारणों के चलते ही मिशन को बदल दिया था. नासा का फोकस पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) पर आ गया था. अब जब 50 सालों के बाद हालात बदल चुके हैं. वैज्ञानिकों को चांद पर पानी, खनिज कई अहम संकेत मिले हैं, जो आने वाले भविष्य में कारगर साबित हो सकते हैं. यही वजह है कि आर्टेमिस-2 मिशन की शुरुआत की गई है.

चांद पर पहुंचने की तैयारी

इस मून मिशन में  चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की परिक्रमा के लिए भेजा गया है. जिनमें नासा से रीड वाइजमैन (अभियान प्रमुख), विक्टर ग्लोवर (अभियान चालक), क्रिस्टीना कोच (अभियान विशेषज्ञ) और कनाडा की अंतरिक्ष संस्था से जेरेमी हैंसन (अभियान विशेषज्ञ) हैं.

यह पूरे मिशन का पहला पार्ट है. जिससे ये पता किया जाएगा कि आने वाले समय में कैसे चंद्रमा पर लैंड किया जा सकता है.  यह सीधे चांद पर लैंड नहीं करेगा, लेकिन चांद के आसपास उड़ान भरकर आगे के मिशनों की तैयारी करेगा. इस मिशन का दूसरा पार्ट खास है. अगर यह पहला मिशन सफल होता है तो आने वाले भविष्य में चांद पर पहुंचने की दिशा और दशा दोनों ही तय की जाएगी.

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क्यों खास है आर्टेमिस II मिशन?

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