China Nepal Tibet Flood: नेपाल में बाढ़ के कारण तबाही मची हुई है, इससे हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है. पूरी सेना राहत बचाव कार्य में लगी हुई है. दूसरी तरफ एक और संकट सामने आ रहा है. चीन ने अलर्ट जारी किया है कि नेपाल की तरफ एक और बाढ़ बढ़ रही है, जिसके कारण कई और समस्याएं सामने आ सकती हैं. यही वजह है कि चीन अपना राहत बचाव कार्यक्रम फिलहाल रोक दिया. साथ ही साथ कर्मचारियों को 1 किलोमीटर पीछे हटने का आदेश जारी किया है.
कुल मिलाकर नेपाल में कुदरत का कहर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार सुबह चीन में आए भूकंप के बाद एक बार फिर बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है. इसके बाद नेपाल में धादिंग और नुवाकोट में रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया. नेपाल के पीएम बालेन शाह ने लोगों से सुरक्षित जगह जाने की अपील की है.
चीन में आए भूकंप के कारण शुओकेन नदी और पोइक त्सांगपो नदी के संगम पर बनी एक बड़ी झील टूट गई. जिसके बाद ही बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल में रसुवा जिला प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से बहुत अधिक सतर्क रहने को कहा गया है.
चीन पर पहले लगे थे आरोप
चीन पर नेपाल आई बाढ़ के बाद कई तरह के आरोप लगे थे. ऐसा कहा गया था कि समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई थी. जिसके कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ है. यही वजह है कि दूसरी बाढ़ का अलर्ट चीन की तरफ से तुरंत दिया गया है.
478 लोगों की मौत हजारों लापता
बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद दोनों देशों में अब भी सैकड़ों लोग लापता हैं. नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 478 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता हैं. इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं.
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