बिलासपुर. नगर निगम में मकान की लीज नवीनीकरण के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत मांगना संपदा शाखा के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को भारी पड़ गया. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शुक्रवार को नगर निगम के मुख्य कार्यालय विकास भवन में दबिश देकर बाबू लक्ष्मीकांत कोका को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम आरोपी कर्मचारी से पूछताछ कर रही है.
एसीबी के अनुसार राजकिशोर नगर निवासी अजीत शुक्ला ने सुमन शुक्ला से राजकिशोर नगर स्थित मकान खरीदने का सौदा किया था. मकान की लीज अवधि समाप्त हो चुकी थी. इसके बाद विक्रेता ने खरीदार से अपनी ओर से नगर निगम में आवेदन देकर लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा. अजीत ने जुलाई में लीज नवीनीकरण के लिए निगम में आवेदन प्रस्तुत किया था.
आवेदक को ऐसे डराया
आरोप है कि निगम की संपदा शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 लक्ष्मीकांत कोका ने नवीनीकरण प्रक्रिया में कानूनी अड़चन होने की बात कहते हुए आवेदक को लगातार घुमाया. इसके बाद उसने जल्द लीज नवीनीकरण कराने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी. अजीत रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने मामले की शिकायत एसीबी कार्यालय बिलासपुर में की.
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका सत्यापन कराया. सत्यापन में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार को टीम ने नगर निगम के विकास भवन स्थित संपदा शाखा में कार्रवाई की. जैसे ही बाबू ने 10 हजार रुपए की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया.
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में संशोधित 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है. एसीबी द्वारा मामले में आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
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