Raigarh Local News: अश्वनी मालाकार. रायगढ़. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं पुष्पेन्द्र बघेल के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम ने मध्यप्रदेश के इंदौर में दबिश देकर तीन युवतियों और दो युवकों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. (raigarh police arrests 5 cyber fraud indore call centre scam)
पुलिस की जांच में इंदौर के एक कॉल सेंटर से जुड़े साइबर नेटवर्क, म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन करने से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में दर्ज दो अपराधों का खुलासा हुआ है. इनमें सोनकरपारा, रायगढ़ निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा से शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर ₹34,17,531 की ठगी का मामला भी शामिल है. पुलिस के अनुसार, दूसरे मामले में बैंक खाते के कथित दुरुपयोग और कमीशन के जरिए रकम प्राप्त करने की भूमिका भी सामने आई है. (raigarh police arrests 5 cyber fraud indore call centre scam)
पहला मामला – शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर डॉक्टर से ₹34.17 लाख की ठगी
27 मई 2026 को साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में सोनकरपारा, थाना जूटमिल निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के माध्यम से उनका संपर्क सुनील नाम के व्यक्ति से हुआ था. उक्त व्यक्ति ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर अत्यधिक लाभ मिलने का प्रलोभन देते हुए स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया. कंपनी का पोर्टफोलियो व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा गया, जिसे देखकर प्रार्थी को निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा हो गया. इसके बाद कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया और अलग-अलग समय पर निवेश कराया. दिनांक 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के मध्य उनसे कुल ₹34,17,531 निवेश कराए गए. निवेश की राशि पर बढ़ता हुआ लाभ पोर्टफोलियो में दिखाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो राशि नहीं निकाल पाए. इसके बाद भी उनसे और पैसा निवेश करने के लिए कहा जाने लगा. ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की. शिकायत पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने से अपराध क्रमांक 06/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया.
दूसरा मामला – बैंक खाते का साइबर ठगी में इस्तेमाल, कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए
दूसरे मामले में दिनांक 27 सितंबर 2026 को सूरज शर्मा पिता देवेंद्र शर्मा निवासी हिल व्यू कॉलोनी, जिंदल, रायगढ़ का आवेदन साइबर पुलिस थाना रायगढ़ को प्राप्त हुआ. आवेदन में बताया गया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच 18 बार में कुल ₹2,97,298 का लेनदेन हुआ था. रकम प्राप्त करने और नकद निकासी के बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा पंजाब राज्यों में शिकायतें होने पर उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया. सूरज शर्मा ने खाते का साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने तथा खाते पर लगी रोक हटाने के संबंध में पुलिस से जांच का अनुरोध किया और बैंक खाते का ट्रांजेक्शन विवरण प्रस्तुत किया.
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे सूरज शर्मा द्वारा अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराने की आशंका सामने आई. बैंक ट्रांजेक्शन के अवलोकन में विवादित धनराशि में से गायत्री विश्वकर्मा, इंदौर के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए. पुलिस के अनुसार, बैंक खाते का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ अर्जित करने की भूमिका पाए जाने पर दिनांक 30 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 13/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई.
इंदौर के कॉल सेंटर से जुड़े मोबाइल नंबरों ने खोली नेटवर्क की परतें
दोनों मामलों की सूक्ष्म विवेचना थाना प्रभारी सइबर निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में निरीक्षक विमल राय, एएसआई नंद कुमार सारथी द्वारा की जा रही है . विवेचना के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर का उपयोग संदेही तनिषा पाटिल, इंदौर द्वारा किए जाने की जानकारी मिली. साथ ही सूरज शर्मा और इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क तथा कथित साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों के तथ्य सामने आए. संदेहियों के मोबाइल नंबर इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय पाए जाने पर साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम गठित कर इंदौर रवाना की गई. पुलिस टीम ने इंदौर के पलासिया क्षेत्र में एक कॉल सेंटर में दबिश दी. जांच के दौरान गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा गया. इसके बाद संदेही ज्योति मालवीय के विजय नगर क्षेत्र में होने की जानकारी मिलने पर उसे वहां से पकड़ा गया. ज्योति से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया. वहीं, इंदौर से खरसिया आकर अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे सूरज शर्मा को भी पुलिस ने पकड़ लिया. आरोपियों को इंदौर में न्यायालय के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया.
सिम कार्ड उपलब्ध कराने और बैंक खातों के जरिए रकम पहुंचाने की भूमिका
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खाते और मोबाइल सिम कार्ड उपलब्ध कराने तथा नकद लेनदेन के माध्यम से रकम को नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करते थे. आरोपी तरुण नागर पर गिरोह को सिम कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है. पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2022 में उसने अपने गांव छेपीऐड़ा में मोबाइल और सिम कार्ड की दुकान खोली थी. इसी दौरान कुछ लोगों ने उससे इंदौर के कॉल सेंटर के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराने को कहा और इसके बदले अधिक रकम देने का प्रस्ताव रखा. आरोपियों ने उसे बताया था कि इन मोबाइल नंबरों का उपयोग डीमैट खाते खोलने और ग्राहकों को कॉल करने के लिए किया जाता है. तरुण ने पूछताछ में लगभग 140 से 150 सिम कार्ड उपलब्ध कराने की जानकारी दी. उसने बताया कि प्रत्येक सिम कार्ड के बदले रकम उसके बैंक खाते में जमा की जाती थी. पिछले करीब दो वर्षों से इंदौर में नंदा नगर क्षेत्र में रहकर वह स्थानीय लोगों से भी सिम कार्ड खरीदकर अधिक कीमत पर आरोपियों को बेचता था. पुलिस के अनुसार, उसने अपने परिचित ज्योति मालवीय को भी इस गतिविधि के बारे में बताया, जिसके बाद ज्योति पर भी अपने तथा अन्य लोगों के नाम पर सिम कार्ड उपलब्ध कराने में सहयोग करने का आरोप है.
गायत्री विश्वकर्मा और सूरज शर्मा की भूमिका की जांच
मिली जानकारी अनुसार, आरोपी गायत्री कुमारी विश्वकर्मा निवासी किरोड़ीमल नगर, रायगढ़ पढ़ाई के लिए इंदौर गई थी. वहां उसकी पहचान कथित साइबर ठगी करने वाले गिरोह से हुई. जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 में गायत्री ने सूरज शर्मा को तनिषा पाटिल से मिलवाया था. पुलिस के अनुसार, तनिषा पाटिल गायत्री की हॉस्टल वार्डन की बेटी है. आरोप है कि सूरज शर्मा को शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ऑनलाइन रकम प्राप्त करने के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए राजी किया गया. इसके बाद सूरज शर्मा कथित तौर पर कमीशन के लालच में गिरोह से जुड़ गया. पुलिस की जांच में उसके बैंक खाते में अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम आने तथा विवादित धनराशि में से गायत्री के माध्यम से नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन प्राप्त होने के तथ्य सामने आए हैं.
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, अन्य राज्यों में भी छापेमारी जारी
रायगढ़ पुलिस ने इस कार्रवाई में ज्योति मालवीय, तनिषा पाटिल, तरुण नागर, गायत्री कुमारी विश्वकर्मा और सूरज शर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं तथा संबंधित बैंक खातों और लेनदेन के विवरण की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 06/2026 में तरुण नागर, ज्योति मालवीय और तनिषा पाटिल की भूमिका की जांच की जा रही है, जबकि अपराध क्रमांक 13/2026 में सूरज शर्मा, गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल की भूमिका सामने आई है. गिरफ्तार आरोपियों को संबंधित अपराधों में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड की कार्रवाई की जा रही है. इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं और रायगढ़ पुलिस की टीम दूसरे राज्यों में संभावित आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है. पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल फोन और बैंकिंग लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
1. ज्योति मालवीय पिता चिरप सिंह मालवीय, उम्र 20 वर्ष, निवासी मोहनीपुरा, थाना ब्यावरा, जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर.
2. तनिषा पाटिल पिता राज पाटिल, उम्र 21 वर्ष, निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, थाना विजय नगर, जिला इंदौर, मध्यप्रदेश.
3. तरुण नागर पिता कैलाश नंद नागर, उम्र 23 वर्ष, निवासी जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता नंदा नगर, थाना परदेशीपुरा, इंदौर.
4. गायत्री कुमारी विश्वकर्मा पिता लोकेश कुमार विश्वकर्मा, उम्र 21 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 05, शौकी नगर, किरोड़ीमल नगर, थाना कोतरारोड, रायगढ़; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर.
5. सूरज शर्मा पिता देवेंद्र शर्मा, उम्र 21 वर्ष, निवासी एस-55, हिल व्यू कॉलोनी, पतरापाली, थाना कोतरारोड, रायगढ़.
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