CG Railway Overbridge 180 degree U-Turn: यूं तो रेलवे के वर्क की अक्सर तारीफ की जाती है. पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यानी कि SECR के बिलासपुर मंडल के अंदर आने वाले जयरामनगर-गतौरा स्टेशनों के बीच परसदा फाटक पर बन रहा नया ओवरब्रिज अपने यू-टर्न रोड डिजाइन को लेकर अब सवालों में घिर गया है. तस्वीर आते ही कई सवाल खड़े होने लग गए हैं.
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा समपार संख्या-361 (परसदा फाटक) पर रोड ओवरब्रिज निर्माण कार्य के अंतर्गत 500 टन क्षमता वाली क्रेनों की सहायता से 36-36 मीटर लंबे चार कंपोजिट गर्डरों की सफल लॉन्चिंग की गई। तकनीकी दक्षता और बेहतर समन्वय के साथ दो ट्रैफिक ब्लॉक में संपन्न यह कार्य सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। #ParshadaPhatak #ROB #InfrastructureDevelopment #SECR #BilaspurDivision #IndianRailways
— DRM Bilaspur (@DRMBilaspur) October 29, 2026
डिजाइन में क्या हो रही दिक्कत?
रेलवे द्वारा जारी की गई डिजाइन के मुताबिक, रेलवे ट्रैक को पार कर रही गांड़ियों को सीधा रास्ता नहीं मिलेगा. इन गाड़ियों को 180 डिग्री के यू-टर्न से गुजरना पड़ेगा. किनारों पर आ रहा मोड ब्लाइंड स्पॉट जैसी स्थिति बनाएगा. जिससे ऑपोसिट दिशा से आने वाली गाड़ियों को दूसरा छोर दिखाई नहीं देगा. जोकि एक्सीडेंट और सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ाएगा.
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कैसे हल हो सकती थी समस्या ?
जानकारी के मुताबिक, रेलवे ने 500 टन क्षमता की दो क्रेन के जरिए चार गर्डर लॉन्च कर निर्माण को तेज करने का दावा किया है पर ड्रोन से सामने आई तस्वीरें कन्सट्रक्शन स्किल पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
हालांकि, इसका डिजाइन भी बदला जा सकता था. कोई भी ओवरब्रिज जोकि कम से कम 12 मीटर चौंड़ा हो उसमें दोनों तरफ फुटपाथ और पैरापेट वॉल होना जरूरी है. वहीं, अगर मोड़ हर हाल में देना हो तो गाड़ी की स्पीड और टाइप के मुताबिक ढलान देना जरूरी है. अगर निर्धारित समय नहीं भी मिल रहा था तो, डिजाइन और जगह बदली जा सकती थी.
