Chhattisgarh: 22 दिन से सिम्स के मॉर्चरी में रखे युवक के शव को न्याय का इंतजार! पिता बोले- यह आत्महत्या नहीं हत्या

Chhattisgarh News: पुलिस ने बताया कि योगेश खांडेकर मामले में हमारी इन्वेस्टिगेशन जारी है. फिलहाल इस मामले में नरेंद्र ठाकुर नाम के एक युवक को आरोपी बनाया गया है. जिसके खिलाफ धारा 306 और एट्रोसिटी के तहत कार्रवाई की गई है.

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मोर्चरी में शव

Chhattisgarh News: बिलासपुर से 40 किलोमीटर दूर तखतपुर के बेलसरी में रहने वाले योगेश खांडेकर का शव पिछले 22 दिन से सिम्स की मरचुरी में रखा है. माता-पिता समेत परिजन उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर रहे. उनका कहना है, जब तक योगेश के हत्यारों का पता नहीं लग जाता तब तक वह उसका अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. पिता राजू खांडेकर से पुलिस और प्रशासन लगातार अपील कर रही है कि वह अपने बच्चों का शव लेकर जाएं और विधिवत उसका क्रिया कर्म करे. पिता राजू खांडेकर इस बात को लेकर अड़े हुए हैं कि पुलिस ने उसके बच्चे की जांच में गलत तरीके से इन्वेस्टिगेशन की है. यही कारण है कि वह इसे आत्महत्या नहीं हत्या मान रहे हैं, उनका कहना है कि उनके पास कई ऐसे सबूत है जिसके मुताबिक उनके बच्चे को मारकर फांसी पर लटकाया गया है.

मां ने बताया बर्थडे में आ रहा हूं कहकर निकला था, वापस नहीं लौटा

योगेश की मां सरस्वती खांडेकर ने बताया कि 29 फरवरी को योगेश किसी दोस्त के बर्थडे में जा रहा हूं कहकर निकला था, और आज तक नहीं लौटा. उन्हें यह सूचना जरूर मिली कि उसने फांसी पर झूलकर आत्महत्या कर ली है, लेकिन इस बात पर उसे भी भरोसा नहीं. मां सरस्वती कहती है कि उसका बेटा बहुत ही बहादुर था और वह आत्महत्या जैसा कदम उठा नहीं सकता.

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चाचा और दादी भी लगा रहे ये आरोप

योगेश की दादी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. विस्तार न्यूज़ ने जब उनसे बातचीत की तब उन्होंने मुखर होकर पुलिस की खिलाफत की. कहा कहीं ना कहीं कुछ तो झोल जरूर है, नहीं तो योगेश खांडेकर के हत्या मामले में पुलिस आत्महत्या जैसी रिपोर्ट तैयार नहीं करती. इधर योगेश के चाचा भी डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं, उनके मुताबिक यह हत्या है. इसलिए पुलिस को इस दिशा में जांच करनी चाहिए ना की आत्महत्या की.

क्या है पूरा मामला

तखतपुर के बेलसरी में रहने वाले योगेश खांडेकर की लाश 29 फरवरी को उसके ही गांव के एक अरइबंद की जगह पर मिली थी. पहले तो पुलिस ने इसे आत्महत्या का रूप देकर मामले को खत्म करना चाहा, लेकिन बाद में जब परिजन अड़ गए तब उसके एक दोस्त नरेंद्र ठाकुर को इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर आरोपी बनाया गया. नरेंद्र ठाकुर को लगभग 10 दिनों बाद इस मामले में आरोपी बनाया गया. इसके बाद भी परिजन हत्या की बात कहते हुए मृतक योगेश की लाश को लेने से मना कर रहे. योगेश का शव 29 फरवरी से आज तक सिम्स में रखा हुआ है, और आज 22 दिन से उसकी लाश सिम्स में न्याय के इंतजार में रखी हुई है.

पुलिस ने बताया कि योगेश खांडेकर मामले में हमारी इन्वेस्टिगेशन जारी है. फिलहाल जो कार्रवाई हुई है, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हुई है. आगे एफएसएल और बाकी के रिपोर्ट का इंतजार है. इसके बाद रिपोर्ट में जो आता है उसके हिसाब से आगे की धाराएं जोड़ी जाएंगी. फिलहाल इस मामले में नरेंद्र ठाकुर नाम के एक युवक को आरोपी बनाया गया है. जिसके खिलाफ धारा 306 और एट्रोसिटी के तहत कार्रवाई की गई है.

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